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Meerut News: पापा उठ जाओ... पापा को कहां लेकर जा रहे हो

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बृहस्पतिवार को सड़क हादसे में तीन दोस्तों की हो गई थी मौत, चौथे की हालत गंभीर
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेडिकल थाना क्षेत्र के उत्तराखंड कालोनी निवासी भाजपा युवा मोर्चा के जागृति विहार मंडल अध्यक्ष विशांत त्यागी समेत उनके दो दोस्तों बुलंदशहर निवासी मिथुन चौहान व लवि चौहान की हापुड़ में सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चौथा साथी ललित चौहान जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। बृहस्पतिवार रात भाजपा नेता का शव घर पहुंचा तो पूरा माहौल चीख-पुकार और मातम से भर गया। सबसे दर्दनाक दृश्य उस वक्त सामने आया, जब शुक्रवार सुबह परिजन भाजपा नेता की चिता को सूरजकुंड ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तब उनकी चार साल की बेटी रोहताक्षी ने कहा कि पापा उठ जाओ... मेरे पापा को कहां लेकर जा रहे हो। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आई।
बागपत जनपद के पांची गांव निवासी राजेंद्र त्यागी लगभग 12 वर्ष से अपने परिवार के साथ गढ़ रोड की उत्तराखंड कॉलोनी में रह रहे हैं। परिवार में पत्नी राजेश, तीन बेटे कपिल, मोहित व विशांत के अलावा दो बेटी राखी व ज्योति हैं। भाजपा नेता विशांत की शादी लगभग 10 वर्ष पूर्व खजूरी गांव निवासी साक्षी से हुई थी। भाजपा नेता के एक चार वर्ष की बेटी रोहताक्षी है। बेटा मोहित एक प्राइवेट कंपनी व कपिल उत्तराखंड में काम करते हैं। विशांत त्यागी भाजपा युवा मोर्चा जागृति विहार मंडल के अध्यक्ष थे। साथ ही एक बैंक में कार्यरत थे। बृहस्पतिवार रात परिजनों पर सड़क हादसे की सूचना पहुंची। इसके बाद परिजन हापुड़ के लिए रवाना हो गए। परिजन रात में ही भाजपा नेता के शव लेकर मेरठ पहुंचे। घर के बाहर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। परिवार में मातम पसरा है।शुक्रवार शाम सूरजकुंड श्मशान घाट पर भाजपा नेता का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, स्थानीय लोग और रिश्तेदार शामिल हुए। पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा रहा। वहीं दोनों युवकों के शव परिजन देर रात उनके पैतृक गांव पहुंचे।
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साथ ही चली गई तीनों की जिंदगी

मिथुन, ललित व लवि लगभग आठ वर्ष पूर्व मेरठ आ गए थे। विशांत त्यागी ने ही उत्तराखंड कॉलोनी में अपने दोस्तों को किराए का मकान दिलाया था। मिथुन व ललित ने गढ़ रोड पर एक निजी अस्पताल व पैथोलॉजी लैब खोल ली थी। वहीं लवि एक अकाउंटेंट के पास काम कर रहे थे। शाम को काम से समय निकालने के बाद चारों दोस्त रोजाना मिलते थे। दोस्तों की गहरी दोस्ती इलाके में चर्चा का विषय थी, लेकिन सड़क हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया।
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-पत्नी और मासूम बेटी का रोकर बुरा हाल
तीनों दोस्तों की सड़क हादसे में मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों का रोकर बुरा हाल हो गया। भाजपा नेता के शव को देखकर पत्नी साक्षी बेसुध हो गई। रिश्तेदारों ने किसी तरह पत्नी को संभाला। बेटी बार-बार पिता को उठाने की कोशिश करती रही और मासूमियत से पूछती रही, पापा उठ क्यों नहीं रहे हैं।
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