फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: धनतेरस से होगी पंचमहोत्सव की शुरुआत

Mon, 28 Oct 2024 04:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
विज्ञापन
विज्ञापन
- मंगलवार से शुरू होंगे पर्व, पांच दिन जगमगाएंगे घर आंगन
विज्ञापन

माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। इस बार महालक्ष्मी का पंचपर्व दीपोत्सव मंगलवार से शुरू होगा। पांच दिन तक चलने वाले दीपोत्सव में मां लक्ष्मी, गणेश और अन्य देवी-देवताओं का पूजन होगा। पंचमहोत्सव धन त्रयोदशी यानी धनतेरस से शुरू होकर भाई-दूज तक चलेगा। पहला पर्व कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी धनाध्यक्ष कुबेर के पूजन से शुरू होकर भाईदूज तक चलेगा। धनतेरस को परंपरागत खरीदारी के प्रचलन के चलते व्यापारी वर्ग में भी खासा उत्साह है। पंच पर्व के प्रथम दिन महालक्ष्मी पूजन के साथ भगवान धनवंतरि से स्वास्थ्य आरोग्य रूपी धन की कामना की जाएगी।
यंत्रों की स्थापना से मिलेगा यश
यंत्रों की सिद्धी से धन में वृद्धि होती है। आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि यंत्र देवी देवताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। किसी लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त करने के लिए यंत्र साधना को सबसे सरल विधि माना जाता है। तंत्र के अनुसार यंत्र में चमत्कारिक दिव्य शक्तियों का निवास होता है। विभिन्न यंत्र धन प्राप्ति यंत्र की श्रेणी में आते हैं। जब स्थापित और पूजा की जाती है तो ये धन यंत्र भौतिक प्राप्ति के अवसर प्रदान करते हैं।
विज्ञापन

धन प्राप्ति के लिए जागृत करें यंत्र
धन लाभ के लिए दीपावली की रात चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं। उस पर गेहूं से स्वास्तिक बनाएं। इनके ऊपर एक थाली रखें। थाली में कुमकुम से श्री लिखकर यंत्र को उसके ऊपर रखें। यंत्र के सम्मुख धनतेरस से पूजन शुरू करें।
यह है यंत्र
श्री यंत्र : ये यंत्र धन, आनंद, शांति की भावना को बढ़ाता है। इस यंत्र की अराधना करने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न हो जाती है। ये यंत्र भाग्य को मजबूत करता है। आर्थिक स्थिति बेहतर बनाता है। सुख, शांति व आनंद प्रदान करता है।
व्यापार वृद्धि यंत्र : वैसे तो सभी यंत्र सर्वोपरि एवं सर्वाधिक महत्वपूर्ण होते हैं किंतु व्यापार वृद्धि यंत्र की संरचना बड़ी ही विचित्र है। इस यंत्र को धनदाता और सर्वसिद्धिदाता कहा गया है।
कुबेर यंत्र : इस यंत्र की स्थापना से दरिद्रता का नाश होता है। धन में वृद्धि होने के साथ साथ मान सम्मान की प्राप्ति होती है। वहीं जो लोग नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं। उनके लिए भी ये यंत्र कल्याणकारी माना गया है।
महालक्ष्मी यंत्र : इस यंत्र की घर में स्थापना करने और इसकी विधि-विधान पूजा करने से महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। ये यंत्र घर-परिवार में सकारात्मकता, शांति, धन-धान्य लाता है। इसके प्रभाव से नकारात्मकता दूर होती है।
कनकधारा यंत्र : श्रीकनकधारा धन प्राप्ति व दरिद्रता दूर करने के लिए अचूक यंत्र है। इसकी पूजा से हर मन चाहा काम हो जाता है। यह यंत्र अष्टसिद्धि व नवनिधियों को देने वाला है।
विज्ञापन

घर में चांदी के लक्ष्मी गणेश लाने से आती है समृद्धि
धनतेरस के दिन घर में चांदी लक्ष्मी गणेश जी को लाने से समृद्धि आती है। नए बर्तन, चांदी व पीतल के बर्तन, धनिए के बीज, नमक, शंख, झाडू, स्फटिक का श्रीयंत्र, कौढ़ी आदि की खरीदारी होती है।
धनतेरस के शुभ मुहूर्त...
वृषभ लग्न - प्रातः 07:58 से सुबह 10:17 तक हरी सब्जियां, फल, औषधियां खरीदना बेहद शुभ होता है।
लाभ और अमृत की चौघड़िया - सुबह 10:41 से दोपहर 01:28 में शेयर मार्केट में इंवेस्टमेंट फायदा होता है।
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:42 से 12:26 तक वाहन, कार, स्कूटर आदि खरीदारी शुभ।
शुभ चौघड़िया- दोपहर 02:51 से 04:14 तक चांदी, सोना, बच्चों का सामान।
विजय मुहूर्त - दोपहर 01:55 से दोपहर 02:40 तक इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीदारी शुभ है।
गोधूलि मुहूर्त- शाम 05:04 से शाम 06:20 तक पूजन सामग्री आदि की खरीदारी।
प्रदोष काल - शाम 5:37 से 08:12 बजे तक इलेक्ट्रिक सामान खरीदना शुभ।

यह है पर्व
धनतेरस मंगलवार - 29 अक्तूबर
नरक चतुर्दशी बुधवार - 30 अक्तूबर
दीपावली बृहस्पतिवार - 31 अक्तूबर
अमावस पितृ निमित्त - 01 नवंबर
अन्नकूट शनिवार - 02 नवंबर
भाई दूज रविवार - 03 नवंबर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें