सहारनपुर। जिले की आठ से दस हजार आबादी वाले गांवों में पंचायत बाजार विकसित किए जाएंगे। इसके तहत सप्ताह में दो दिन तय किए जाएंगे, जब बाजार लगेंगे। इससे ग्राम पंचायतों के मजरे और पांच से छह किलो मीटर क्षेत्र में पड़ने वाले गांव के लोगों को फायदा होगा। क्योंकि, शहर के छोटे व्यापारी भी ग्राम पंचायतों में सामान बेच सकेंगे।
दरअसल, लोकसभा चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लगने से पूर्व इस योजना को संचालित करने का खाका तैयार किया गया था, लेकिन आदर्श आचार संहिता लगने और सरकारी मशीनरी के चुनाव में व्यस्त होने की वजह से योजना पर काम शुरू नहीं हो पाया था, लेकिन अब योजना को लेकर विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत जनपद के 11 विकासखंडों की 884 ग्राम पंचायतों में ऐसे गांव चिह्नित किए जा रहे हैं, जिनकी आबादी आठ से हजार तक है। ऐसी ग्राम पंचायत करीब 85 हैं। विभाग पंचायत बाजार विकसित कराने को जगह के लिए सर्वे करा रहा है। एक माह में सर्वे पूरा होगा। खासकर उन जगहों को चिह्नित किया जा रहा है, जहां पर अमृत सरोवर के तहत तालाबों का सुंदरीकरण हुआ है। पंचायत बाजार में ग्रामीण भी छोटी-छोटी दुकानें लगा सकें। वहीं, शहर के छोटे कारोबारी ग्राम पंचायतों में जाकर जरूरत का सामान बेच सकेंगे।
स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ेंगे
इस कार्य से स्वयं सहायता समूहों को भी रोजगार मिलेगा। व्यापारियों के अलावा स्वयं सहायता समूहों के सदस्य भी सब्जी, आइस्क्रीम, दालों, कपड़ों, खाने-पीने के सामान, फास्ट फूड, शीतल पेय और अन्य पदार्थ सहित जरूरत के सामान की दुकानें लगा सकेंगे, लेकिन यह दुकानें अस्थायी होंगी। खासकर चलती फिरती दुकानें जैसे रेहड़े, टाटा मैजिक, घोड़ा बुग्गी और अन्य वाहनों में सामान रखकर बेचने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी।
वर्जन:-
पंचायत बाजार विकसित करने की योजना है। इसके लिए सर्वे कराया जाएगा। इससे ग्रामीणों को भी रोजगार मिलेगा, लेकिन आठ से दस हजार आबादी वाली ग्राम पंचायतों बाजार विकसित होंगे।
-आलोक शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी