सरधना। निराश्रित गोवंश व बंदरों की समस्याओं को लेकर मुल्हेड़ा गांव में पंचायत का आयोजन हुआ। ग्र
ग्रामीणों ने चेतावनी दी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। विकास खंड सरूरपुर के गांव मुल्हेड़ा में बंदरों और बेसहारा गोवंश के बढ़ते आतंक से ग्रामीणों का जीवन मुश्किल हो गया है। घरों में घुसने वाले बंदर और सड़कों पर घूमते निराश्रित गोवंश अब सुरक्षा व स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। इस समस्या को लेकर मंगलवार को गांव स्थित संत केशव इंटर कॉलेज में पंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने प्रशासन से त्वरित निस्तारण की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि बंदरों के झुंड आए दिन घरों में घुसकर सामान को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाल ही में हुए कुछ हमलों में लोगों को चोटें भी आई हैं। वहीं निराश्रित गोवंश सड़कों और गलियों में डेरा जमाए हुए हैं जिससे बच्चों और बुजुर्गों के लिए घर से निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। खेतों में लगी फसलें भी इस वजह से भारी क्षति झेल रही हैं। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने कई बार सरूरपुर ब्लॉक अधिकारियों को शिकायत की लेकिन आश्वासन ही मिला। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि बंदरों को पकड़कर उचित स्थान पर छोड़ा जाए और निराश्रित गोवंश को गोशालाओं में पहुंचाया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अध्यक्षता दुर्गा ठाकुर ने की। इस मौके पर मुन्ना प्रधान, संजय सुखवीर, शिव ओम, प्रमोद, संजय, ऋषिपाल, अमरपाल, जोनी व अन्य मौजूद रहे।