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पंचायत का फरमान, लड़के पक्ष को छोड़ना होगा गांव, रिपोर्ट दर्ज होते ही निरस्त हो गई थी शादी

Fri, 22 Nov 2019 01:34 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
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मुजफ्फरनगर में एक सप्ताह पूर्व पड़ोसी नाबालिग लड़के-लड़की की शादी को लेकर हुई पंचायत में पंचों ने लड़के पक्ष को गांव से बाहर जाकर रहने की सख्त हिदायत दी है। पंचायत में मौजूद एसओ को भी फैसले से अवगत कराया गया, जिस पर एसओ ने किसी को भी कानून का उल्लंघन नहीं करने की चेतावनी दी है।

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एक गांव में एक-दूसरे से सटे मकान में रहने वाले नाबालिग लड़का-लड़की के परिजनों ने 13 नवंबर को शामली ले जाकर गुपचुप तरीके से उनकी शादी करा दी थी। तीन दिन बाद शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर ग्रामीणों में आक्रोश उत्पन्न हो गया था। लड़की के बाबा ने पौत्री और उनके माता-पिता के खिलाफ भौराकलां थाने पर नामजद तहरीर दे दी थी। बाल विवाह अधिनियम के तहत पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद लड़की व उसकी मां तो गांव में ही रह रहे थे, जबकि लड़का पक्ष घर में ताला लगाकर रफूचक्कर हो गया था। 

वहीं गुरुवार को उक्त मामले को लेकर गांव में हुई पंचायत में दोनों पक्षों को भी मौजूद रहने को कहा गया, लेकिन उनमें से कोई नहीं पहुंचा। पंचायत में मौजूद वक्ताओं ने इस शादी को भारतीय संस्कृति के विरुद्ध बताते हुए कहा कि एक गांव में रहने वाले सभी लोग आपस में ताऊ, चाचा व भाई-बहन हैं। हिंदू धर्म में इस तरह की शादी पूरी तरह से नियम विरुद्ध है। गुस्साए ग्रामीणों ने लड़का पक्ष को गांव से बाहर जाकर रहने की कड़ी हिदायत दी। इस संबंध में एसओ विरेंद्र कसाना को भी पंचायत में बुलाकर अवगत करा दिया गया। पंचायत में मुख्य रूप से चौहल सिंह, पूर्व प्रधान सोमपाल, पूर्व प्रधान राहुल, प्रधान बालेंदर, मांगेराम, देवेंद्र, राजवीर, विक्रम व बिजेंदर समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से गांव नहीं लौटा लड़का पक्ष

नाबालिग व पड़ोसी लड़का-लड़की की 13 नवंबर को हुई शादी को लेकर 16 नवंबर को लड़की के बाबा ने दोनों पक्षों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उक्त रिपोर्ट दर्ज होने के साथ ही लड़का पक्ष गांव से चला गया था, जो अब तक घर नहीं लौटा। उधर, लड़की की मां तो अपने घर में ही रह रही है, जबकि लड़की उसके बाबा को सौंप दी गई, जो बाबा के साथ ही रह रही है।

रिपोर्ट दर्ज होते ही निरस्त हो गई थी शादी
नाबालिग लड़का-लड़की की शादी को लेकर 16 नवंबर को बाबा द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के साथ ही उक्त शादी स्वयं ही निरस्त हो चुकी है। एसओ विरेंद्र कसाना ने बताया कि नाबालिग लड़के-लड़की की शादी में यदि कानून का हस्तक्षेप होकर रिपोर्ट दर्ज होती है तो उक्त शादी खुद-ब-खुद निरस्त हो जाती है। इसके चलते भौराकलां में हुई यह शादी भी रिपोर्ट दर्ज होने के साथ ही निरस्त हो चुकी है।

इन्होंने कहा...
एसओ विरेंद्र कसाना का कहना है कि पंचायत के बुलावे पर वे गांव में पहुंचे थे, जहां ग्रामीणों द्वारा लड़के पक्ष को गांव से बाहर जाकर रहने की हिदायत दी गई है। यदि कोई पक्ष किसी भी रूप में कानून का किसी तरह से उल्लंघन करता है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी कानून से खिलवाड़ की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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