पंचायत चुनाव : आरक्षण पर आपत्तियों का अंबार, अलग से बनी डेस्क
मेरठ। पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची जारी होने के बाद जिला पंचायती राज अधिकारी कार्यालय में आपत्तियों का अंबार लगना शुरू हो गया है। पहले दिन जिला स्तर पर 21 आपत्तियों के बाद दूसरे दिन यह संख्या 72 तक पहुंच गई। दावेदार और स्थानीय निवासियों का कहना है कि मिलीभगत से प्रशासन द्वारा आरक्षण सूची जारी की गई है। जहां सीट अनुसूचित में की जानी थी, वहां पिछड़ा वर्ग में कर दी गई है जबकि गांव में पिछड़ा वर्ग के लोग ही नहीं है। इसलिए आरक्षण के फार्मूले पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
शुक्रवार को पंचायती राज कार्यालय में आपत्तियों के लिए एक अलग से डेस्क बना दी गई है। इसी स्थान पर आपत्तियों को लिया जा रहा है। वहीं, इसके बाद इन्हें कंप्यूटर में फीड कराया जा रहा है। आठ मार्च तक आपत्तियों को लिए जाने का समय है। इसके बाद निस्तारण की प्रक्रिया की जाएगी। वहीं, 15 मार्च को आरक्षण सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। कार्यालय में महिला भी काफी संख्या में शिकायत लेकर पहुंच रही हैं।
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ये हैं कुछ आपत्तियां
- रजपुरा ब्लॉक के गांव मेदपुर वर्ष-2005 में ही अनुसूचित जाति में आरक्षित हुआ था। इसके बाद से पिछड़ा वर्ग और सामान्य में आरक्षित हो रहा है। वहीं, क्षेत्र पंचायत का आरक्षण भी तीन वार्ड होने के कारण पिछड़ा वर्ग में कर दिया गया है। जबकि वार्डों में अनुसूचित जाति की संख्या अधिक है।
- रोहटा ब्लॉक के सिंधावली में लगभग 2500 से अधिक मतदाता सामान्य वर्ग से आते हैं। इसके बाद भी इसे पिछड़ा वर्ग में घोषित कर दिया गया जबकि इस ग्राम पंचायत में महिलाओं की संख्या 2000 है। इस ग्राम पंचायत को पिछड़ा वर्ग आरक्षण से बदलकर सामान्य वर्ग महिला में करने की मांग की है।
दिक्कत होगी तो जांच करा लेंगे
आपत्तियों को आठ मार्च तक लिया जाएगा। हालांकि, आरक्षण सूची में फार्मूले के अनुसार ही ग्राम पंचायत को आरक्षित किया गया है। अगर तब भी कहीं कोई दिक्कत हुई तो जांच कर लेंगे। - आलोक सिन्हा, जिला पंचायती राज अधिकारी