क्षेत्र पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य आरक्षण की अंतिम सूची मंगलवार या बुधवार को जारी होने की उम्मीद है। इसमें जिला पंचायत के नए बने चार वार्ड में से किसी एक के आरक्षित होने की उम्मीद जताई जा रही है। क्योंकि नये बने सभी वार्ड के अनारक्षित होने को लेकर ही सबसे ज्यादा आपत्तियां आई हैं। ऐेसे में प्रशासन किसी भी मुद्दे पर फंसने से बचने के लिए इसमें फेर बदल कर सकता है।
जिला पंचायत में इस बार चार नये वार्ड गठित किए गए हैं। नियमानुसार इन नए बने चार वार्ड से ही आरक्षण की शुरुआत होनी थी, लेकिन आरक्षण की अनंतिम सूची में इन चारों वार्ड का अनारक्षित देख सभी चौंक गए और आपत्तियों का फोकस भी इन्हीं वार्ड पर रहा। इसके साथ ही नियमानुसार आठ वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने थे, लेकिन अनंतिम सूची में सात वार्ड ही अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुए हैं। भाजपा और जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह द्वारा इन्हीं बिंदुओं को उठाते हुए आपत्ति दर्ज कराई गई है।
सूत्रों की मानें तो तमाम आपत्तियों पर गहनता से विचार के बाद नये वार्ड पर आई आपत्ति और एससी आरक्षण में एक सीट कम होने पर गंभीरता से मंथन हो रहा है। अधिकारी नहीं चाहते कि कोई भी मामला कोर्ट तक पहुंचे। ऐसे में नए बने एक वार्ड को आरक्षित कर इस विवाद से मुक्ति पाने पर विचार कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ ब्लॉक प्रमुख आरक्षण में भी जातीय आपत्ति है, लेकिन इस आपत्ति का निस्तारण मुश्किल नजर आ रहा है।