जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सपा से कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश शाहिद और समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान का नाम पहले से ही दावेदारों में रहा है। अब दोनों ने ही पार्टी के समक्ष अधिकृत तौर पर अपनी दावेदारी पेश की है।
सपा ने निर्देश दिए थे कि सभी जिला कार्यालयों पर 16 नवंबर तक आवेदन मांगें जाएं। अब 18 नवंबर तक इन्हें पार्टी मुख्यालय को भेजा जाएगा और इसके बाद पार्टी संसदीय दल इस संबंध में फैसला करेगा।
जिला पंचायत के चुनाव के समय से ही सपा में शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश शाहिद और अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान का नाम अध्यक्ष पद के दावेदारों में चल रहा है। एमएलसी डॉ. सरोजिनी के भतीजे अजय अग्रवाल के सदस्य पद के चुनाव में हारने के बाद अब दावेदारी सीधे तौर दोनों के ही बीच रह गई है।
वैसे तो दोनों ही यह कह रहे हैं कि पार्टी के निर्देशानुसार चुनाव लड़ा जाएगा। लेकिन दोनों ने ही अपनी पेशबंदी जोरों से कर रखी है। मंत्री शाहिद मंजूर के समर्थक पुरानी पारिवारिक विरासत और पार्टी में अपने कद के हिसाब से मजबूत दावेदारी बता रहे हैं। वहीं, युवा ब्रिगेड के हिसाब से अतुल प्रधान के समर्थकों का भी अपना मजबूत दावा है।
भाजपा ने पहले ही कुलविंद्र सिंह को अपनी प्रत्याशी बनाकर एक गुर्जर प्रत्याशी को मैदान में उतार दिया है। ऐसे में देखना होगा कि सपा जाति के हिसाब से किस पर दांव लगाती है। सपा में जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव खत्म होते ही खेमेबंदी जोरों पर चल रही है। अतुल प्रधान और शाहिद मंजूर दोनों ही लखनऊ में कई बार डेरा डाल चुके हैं और अभी यह दौर लंबा चलेगा।