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मेरठ में साज के जादू से सरोबार शाम

Tue, 17 Nov 2015 01:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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कैंट स्थित कैसल व्यू में सोमवार की शाम कुछ खास रही। दुनिया की मशहूर हस्ती और ग्रेमी अवार्ड विजेता पंडित विश्व मोहन भट्ट ने जब सुरों की ताल छेड़ी तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। मोहन वीणा पर अठखेलियां करती भट्ट की अंगुलियों ने रागों का ऐसा जादू चलाया किया कि युवा पीढ़ी ने शास्त्रीय संगीत से अपना रिश्ता कायम कर लिया।
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भगत ज्वैलर्स के चौथे स्थापना दिवस समारोह का आयोजन यादगार बन गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कमिश्नर आलोक सिन्हा, आईजी आलोक शर्मा, सीडीओ नवनीत चहल और विश्व मोहन भट्ट ने किया।

शानदार प्रस्तुति से बंधा शमां
मैहर घराने से ताल्लुक रखने वाले पंडित विश्व मोहन भट्ट ने शाम का आगाज विश्व रंजिनी राग से किया। राग के साथ अलाप जोड़ झाला की प्रस्तुति से श्रोता झूम उठेे। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ माहौल को और बेहतरीन बना दिया। इसके बाद विलंबित गत एवं द्रुत गत त्रिताल में निबद्घ प्रस्तुति दी।
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जिसमें स्वरों का संयोजन बेहद सजीव बन पड़ा। इसके साथ ही महिषासुर मर्दिनी पर आधारित प्रस्तुति में कोमल गंधार एवं तीव्र मध्यम के संयोजन के साथ नारी के शक्ति स्वरूप को नमन किया। वर्ष 1994 में पंडित विश्वमोहन भट्ट ने अमेरिका में मीटिंग बाई द रिचर्ड प्रस्तुति दी थी। इसी के लिए उन्हें ग्रेमी अवार्ड दिया गया था। सोमवार की शाम जब मेरठ में यह प्रस्तुति दी तो मानों जैसे संगीत अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान तबले पर हिमांशु महंत ने तबले पर बेहतरी संगत देते हुए कार्यक्रम और जीवंत कर दिया।

मोहन वीणा से कराया परिचय
मोहन भट्ट ने प्रस्तुति के दरम्यान अपने साज मोहन वीणा से श्रोताओं को रूबरू कराया। उन्होंने बताया यह वीणा आम वीणा से भिन्न है। इसमें 20 तार और तंबूरे के स्थान पर गिटार के आगे का भाग शामिल है। इनसे मिलकर यह वाद्य यंत्र बना है।

युवा श्रोताओं का पूरा ख्याल
पंडित विश्व मोहन भट्ट ने साज और आवाज से सजी इस शाम में युवा पीढ़ी के श्रोताओं का पूरा ख्याल रखते हुए अपनी प्रस्तुुति दी। शुद्ध शास्त्रीय संगीत के रागों पर गमक, लयकारी के साथ प्रस्तुति दी। वहीं राजस्थानी मांड गीत केसरिया बालम आवो नी, वंदे मातरम, सारे जहां से अच्छा, बंगाल के मशहूर मांझी गीत जैसी चर्चित धुनों की प्रस्तुतियां दीं। अंत में राष्ट्रगान सुनाकर इस लाइव कंसर्ट को विराम दिया गया।
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