जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कुलविंदर को प्रत्याशी घोषित करना पर भाजपा में दो राय हो गई हैं। कुछ नेता डॉ. मीनाक्षी भराला को भी मौका देने की बात कर रहे हैं। उन्होंने पर्चा तक भरवाने की बात कही है।
शनिवार को कोर कमेटी की बैठक में अध्यक्ष पद कुलविंदर के नाम को फाइनल किया गया। लेकिन भाजपा का एक वर्ग इससे सहमत नहीं है। उन्हें इसके पीछे जहां कमजोरी नजर आ रही है। वहीं कुलविंदर के नाम को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। हालांकि पार्टी का एक वर्ग पहले ही कैडरबेस को उतारने की आवाज उठा चुका था।
लेकिन धनबल के इस चुनाव में कोर कमेटी ने इसी गणित को ध्यान में रखा और कुलविंदर का नाम फाइनल कर दिया। क्योेंकि कुलविंदर के पिता मुखिया गुर्जर जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में बड़ा प्रस्ताव पार्टी के सामने रख चुके थे।
सशर्त दी गई है दावेदारी
पार्टी सूत्रों के अनुसार कुलविंदर को दावेदारी सशर्त दी गई है। सबसे पहले कुलविंदर को सभी पार्टी प्रत्याशियों को अपने पाले में करना होगा। इसके लिए उन्हें सोमवार शाम तक का समय दिया गया है। पाले में करने के पीछे पार्टी सूत्र प्रत्येक को मोटी रकम देना बता रहे हैं। यही नहीं कुलविंदर को पार्टी के पास भी बतौर जमानत एक बड़ी रकम जमा करनी होगी। यदि वह ऐसा कर पाते हैं तो सभी मिलकर उनके लिए आगे का रास्ता तय करेंगे।
यहीं बना है संशय
कुलविंदर के सामने यह शर्त रखना ही कुछ लोगों को चौंका रहा है। इस शर्त के पीछे मानना है कि पार्टी कोर कमेटी कुलविंदर की आर्थिक स्थिति और किये गये दावे को आजमाना चाहते हैं। यदि वह इसे पूरा करते हैं तो आगे की लड़ाई शुरू की जाएगी। लेकिन बावजूद इसके पार्टी एक धड़ा चाहता है कि भले ही कुलविंदर कोर कमेटी की शर्त को पूरा कर दें, लेकिन अंतिम समय तक डमी के तौर पर मीनाक्षी भराला को उनके साथ रखा जाए।