फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा ने दिखाया दम तो बसपा भी नहीं रही कम

Tue, 03 Nov 2015 01:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला पंचायत चुनाव में पहली बार खुलकर मैदान में उतरी भाजपा का प्रदर्शन संतोषजनक रहा। सबसे ज्यादा सीट लेकर भाजपा जहां मजबूती से सामने आयी, वहीं बसपा का प्रदर्शन भी अपेक्षा से बेहतर रहा। जबकि प्रदेश में सरकार होने के बावजूद सपा मात्र पांच सीटों पर सिमट गयी।
विज्ञापन


जिला पंचायत के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद जो स्थिति सामने आयी, उससे भाजपाई खुश हैं। भाजपा ने जिला पंचायत के 34 वार्डों में से 30 वार्ड में अपने प्रत्याशी उतारे थे और इनमें दस प्रत्याशियों की जीत का दावा भाजपाई कर रहे हैं। पंचायत चुनाव के जिला प्रभारी प्रताप गुर्जर ने बताया कि उनके डा. मीनाक्षी भराला, कुलविंदर सिंह, नितिन खटीक, ललित चौहान, बबीता, अनुज वाल्मीकि, सत्यपाल, विक्की तनेजा और कुसम जहां चुनाव जीते हैं, वहीं बागी होकर चुनाव लड़े रोहताश पहलवान भी चुनाव जीत गये हैं, जो अभी भी भाजपा में है। ऐसे में भाजपा ने दस सीटें जीती हैं।

वहीं बसपा का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है। बसपा के मुकेश गुर्जर, डा. मनोज अधाना, हेमलता प्रजापति, सुबोध गुर्जर, चौ. रविन्द्र, कृष्णा देवी, मुन्ना गिरि और दिलशाद ने जीत हासिल की है।
विज्ञापन


वहीं बात अगर सपा की करें तो केबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश मंजूर, अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान, सपा नेता ठा. विनोद की पत्नी रजनी के साथ ही साहिब आलम और शमीम अहमद विजयी हुए। वहीं रालोद समर्थित प्रत्याशी रीना भी वार्ड पांच से विजयी हुई। बाकी सभी जगह निर्दलियों का कब्जा रहा।

इस चुनाव में सबसे अहम बात ये रही कि भाजपा ने जहां खुलकर चुनाव में उतरने का ऐलान किया था, वहीं दूसरे दल पहले तो खुलकर आये, लेकिन जब नामांकन का समय आया तो पीछे हट गये, लेकिन धीरे-धीरे नामांकन कर चुके प्रत्याशियों में से ही समर्थन का ऐलान करते गए।

ऐसे में भाजपा ने जहां तय कर प्रत्याशी मैदान में उतारे और उनमें से एक तिहाई को विजयी भी कराया, वहीं दूसरी पार्टियां मैदान में उतर चुके प्रत्याशियों में से चयन करने के बावजूद उन्हें उस तरह जीत नहीं दिला सकी। इस चुनाव में सबसे ज्यादा किरकिरी सपा की हुई।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें