ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर बैठने को लेकर दावेदारों में ऐसी कसमसाहट है कि अब खुले तौर पर रेट लगने शुरू हो गए हैं। यह बात अलग है कि आरक्षण के कारण कुछ ब्लॉक जरूर शांत हों, लेकिन अनारक्षित ब्लॉकों में ब्लॉक प्रमुख पद को लेकर अच्छी खासी रस्साकशी है। ब्लॉक प्रमुख दावेदारों ने गोपनीय और खुले तौर पर कहना शुरू कर दिया कि है बस जैसे भी चाहे, वोट दे दो।
इस बार जिले के जानी, मेरठ, दौराला, मवाना और परीक्षितगढ़ ब्लॉक को अनारक्षित रखा गया है। इनमें दौराला को छोड़ दें तो बाकी ब्लॉकों में चुनाव होने के साथ ही प्रमुख पद के दावेदारों ने अपनी जीत की संभावनाओं को देख अपना गणित भिड़ाना शुरू कर दिया है। यही नहंीं, अपनी रणनीति के बीच सदस्यों की वोट के रेट भी तय कर दिए हैं। परीक्षितगढ़ ब्लॉक के एक दावेदार ने वोट के बदले मारुति ऑल्टो 800 कार देने की घोषणा तक कर दी। जिसने बाकी दावेदारों के साथ ही सदस्य पद का चुनाव लड़े दावेदारों में भी खलबली पैदा कर दी है।
दौराला ब्लॉक में इस बार ब्लॉक प्रमुख पद सबसे प्रतिष्ठापूर्ण है। क्योंकि यहां से पूर्व ब्लॉक प्रमुख हरीश सिरोही के रिश्तेदार और ब्लॉक प्रमुख रहे राहुल देव के साथ ही भाजपा नेता सुनील भराला और बसपा नेता सतेंद्र भराला के परिवार से दावेदार सामने आ चुके हैं। तीनों ही दौराला की राजनीति के धुरंधर माने जाते हैं। ऐसे में यहां का चुनाव धन और बल पर होगा, इसमें किसी को संदेह नहीं है। मेरठ ब्लॉक में भी यही स्थिति है। वर्तमान में बसपा के पप्पू गुर्जर ब्लॉक प्रमुख हैं और इस बार भी वह पद पर बने रहने के लिए हर संभव प्रयास करेेंगे। लेकिन इस बार उनके सामने सत्ताधारी समर्थकों के साथ कई अन्य धुरंधर भी आ रहे हैं, जिस कारण यहां भी हर हथकंडा इस चुनाव में चलेगा।
मवाना में धन के साथ बल का प्रयोग ज्यादा नजर आ रहा है। क्योंकि यहां ब्लॉक प्रमुख का पद आपसी रंजिश से भी जुड़ा है। लेकिन इनके बीच सबकी नजर जानी ब्लॉक पर होगी। क्योंकि यहां से चर्चित भूपेंद्र बाफर निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित होकर ब्लाक प्रमुखी की दावेदारी कर चुके हैँ। अब देखना ये है कि उनके सामने कोई खड़ा होने की हिम्मत जुटाता है या फिर ब्लॉक प्रमुख निर्विरोध निर्वाचित होते हैं।
रोहटा ब्लॉक में बिजेंद्र जिंजोखर वर्तमान में प्रधान हैं। लेकिन इस बार सीट महिला के लिए आरक्षित हुई है। यहां पर आज तक उनके सामने कोई नहीं टिका है। ऐसे में महिला सीट होने पर अब उनके परिवार पर नजर है कि वह यहां से किसे मैदान में उतारते हैं और उनके सामने इस बार भी कोई आता भी है या नहीं। सरधना में विधायक संगीत सोम को झटका लगा है। ठाकुर चौबीसी के इस ब्लॉक का प्रमुख पद पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हुआ है। ऐसे में यहां से जाट या गुर्जर ही मैदान में आ सकते हैं।
लेकिन अभी तक किसी की भी खुलकर दावेदारी यहां से सामने नहीं आ रही है। माछरा में मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है। यहां पर वर्तमान में सपा नेता देवेंद्र गुर्जर की पत्नी ब्लॉक प्रमुख हैं, और इस बार भी पद पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित हुआ है। देवेंद्र गुर्जर ने इस बार भी अपनी पत्नी को मैदान में उतारा है, लेकिन बसपा के साथ ही भाजपा उनके सामने चुनौती पेश करने की तैयारी में है। ऐसे में यहां भी धन और बल के साथ सत्ता का प्रयोग नजर आने की बात लोग कर रहे हैं।