जिला पंचायत चुनाव की रणभूमि में कुख्यात योगेश भदौड़ा, ऊधमसिंह और गीतांजलि की पेशी पर पुलिस ने अघोषित प्रतिबंध लगा दिया है।
पहले चरण के चुनाव में योगेश की भाभी कविता व सुशील फौजी के पिता मंगलसेन के बीच मुकाबला है। चुनाव में खूनखराबे की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने यह कवायद की है। नौ अक्टूबर को पहले चरण का पंचायत चुनाव मेरठ, जानी और रोहटा ब्लॉक में होना है।
जिसमें योगेश भदौड़ा की भाभी कविता के सामने सुशील फौजी के पिता मंगलसेन ने पर्चा भरा है। इसके अलावा भूपेंद्र बाफर का बेटा भी मैदान में है। यह चुनाव पुलिस के लिये चुनौती है। भदौड़ा और फौजी ने चुनाव का ऐलान कचहरी में पेशी के दौरान किया था। चुनाव में खूनखराबा रोकने के लिए पुलिस ने पहले कुख्यात योगेश, ऊधम और गीताजंलि को पूर्वांचल की जेलों में शिफ्ट किया और अब उनकी मेरठ में पेशी पर अघोषित प्रतिबंध लगा दिया है।
मेरठ। जिला पंचायत चुनाव में ऊधम सिंह, योगेश भदौड़ा और अनुज प्रमुख के एक साथ होकर चुनाव लड़ने और एक-दूसरे की मदद का दावा किया गया है। चौधरी मनीष अन्ना नाम के व्यक्ति ने तीनों के एकजुट होने का दावा किया है। मनीष अन्ना ने बताया कि ऊधम सिंह, अनुज प्रमुख और योगेश भदौड़ा के गांव के सम्मानित लोगों ने हमारे एकजुट होने का फैसला किया है। हम तीनों जिला पंचायत चुनाव में एक दूसरे का साथ देंगे।
मीडिया को जारी पत्र में आरोप लगाया गया कि तीनों के बीच पहले ही फैसला हो चुका था, लेकिन इसी बीच सुशील फौजी ने हमारे बीच भ्रम पैदा किया। पत्र में आरोप है कि फौजी और उसका पिता गांव का विकास नहीं कर सकते।