चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय बैक परीक्षा क्लियर करने का इंतजार खत्म करने जा रहा है। वार्षिक परीक्षा के साथ बैक पेपर देनी की व्यवस्था बदलकर पुरानी व्यवस्था लागू की जा रही है। इस साल विवि बैक परीक्षा अलग से कराएगा। नवंबर में परीक्षा कराने की तैयारी है।
ऐसे छात्र जो फेल हो गए या बैक देना चाहते हैं, उन्हें अप्रैल में विवि की मुख्य परीक्षा का इंतजार नहीं करना होगा। विवि नवंबर में उनके लिए अलग से बैक परीक्षा कराने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए निर्देश दे दिए गए हैं। सत्र 2014 की मुख्य परीक्षा के साथ विवि ने बैक परीक्षा कराई थी। इससे पहले 2013 में फाइनल ईयर के छात्रों के लिए अलग से बैक परीक्षा कराई गई थी।
कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने बैक परीक्षा नवंबर में कराने को हरी झंडी दिखा दी है। ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर, सेकेंड ईयर और थर्ड ईयर और पोस्ट ग्रेजुएशन फर्स्ट और सेकेंड ईयर के छात्र-छात्राएं बैक परीक्षा दे सकेंगे। मेरठ और सहारनपुर मंडल में करीब एक लाख छात्र बैक परीक्षा हर साल देते हैं। यह आयोजित कराना और इसका रिजल्ट देने की भी बड़ी तैयारी विवि को करनी होती है।
पिछले कुलपति ने साथ परीक्षा कराने का फैसला इसलिए किया था कि इससे खर्च कम होगा और रिजल्ट साथ आएगा। मैन पावर भी कम खर्च होगी। लेकिन छात्रों के लिए यह इंतजार साबित हो रहा था। छात्रों के लिहाज से बैक का रिजल्ट जल्दी मिलने से उन्हें फायदा होगा। विवि धीरे-धीरे पुराने पैटर्न पर लौट रहा है। इसका कितना फायदा होता है यह आने वाला समय बताएगा।
बड़ा फैसला, असर का इंतजार
कुलपति प्रो. एनके तनेजा का यह बड़ा फैसला है। इस पर लगभग मुहर लग चुकी है। अलग से परीक्षा कराने से बैक का रिजल्ट और परीक्षा सेपरेट हो जाएगी। वार्षिक परीक्षा के साथ बैक परीक्षा बस एक बार ही हुई है। 2014 की मुख्य परीक्षा के साथ बैक परीक्षा हुई थी। जिन छात्रों की बैक है वह तैयारी में लग सकते हैं। अक्तूबर में फार्म भरवाने की तैयारी है।