मेरठ में 20 मिनट चली मुठभेड़ में बदमाश शकील और गुलफाम उर्फ भूरा का फ्लैट नंबर 266 में अंत हो गया। कलेक्शन एजेंट से 9.90 लाख की लूट में शामिल दोनों बदमाश पल्लवपुरम की पॉश कॉलोनी उदय सिटी में छिपे थे। तीसरी मंजिल पर स्थित फ्लैट में उन्होंने एक परिवार को बंधक बना रखा था। पुलिस के पहुंचते ही बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। करीब 20 मिनट चली मुठभेड़ में बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां दागीं। फायरिंग बंद होने के बाद पुलिस ने फ्लैट की कांबिंग की।
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स्थान पल्लवपुरम उदय सिटी। रात (गुरुवार) के 1:45 बजे थे। पुलिस के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर एनकाउंटर स्पेशलिस्ट सीओ दौराला जितेंद्र सरगम, इंस्पेक्टर पल्लवपुरम जनक सिंह चौहान और 12 पुलिसकर्मी उदय पार्क पहुंचे। फ्लैट नंबर 266 में दो बदमाश शकील और गुलफाम उर्फ भूरा के छुपे होने की सूचना थी। बदमाशों ने इस फ्लैट में रहने वाले मनोज गर्ग, उनकी पत्नी सीमा, पुत्र तुषार और 12 साल की पुत्री को बंधक बना रखा था। इस परिवार को बचाना पुलिस के लिए चुनौती था।
फ्लैट को पुलिस ने चारों तरफ से घेर रखा था। बदमाशों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने फ्लैट की छत पर जाकर पुलिस पर पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। इस पर पुलिस ने एके 47 और पिस्टल से जवाबी कार्रवाई की। गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार के चारों सदस्यों ने कमरे में अंदर से कुंडी लगा ली। करीब 20 मिनट तक दोनों तरफ से गोलियां चलीं। बदमाशों की गोली से इंस्पेक्टर जनक सिंह और सिपाही विकास घायल हो गए। 2:05 बजे बदमाशों की तरफ से फायरिंग रुकी। उसके बाद सीओ दौराला टीम के साथ फ्लैट में घुसे। उन्होंने पहले परिवार को सुरक्षित निकाला फिर फ्लैट की कांबिंग की। जिसमें दोनों बदमाश लहूलुहान मिले।
5 घायल बदमाशों को अस्पताल भेजा
मुठभेड़ में इंस्पेक्टर और सिपाही के घायल होने की सूचना पर एसएसपी अजय साहनी, एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह कई थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायल बदमाशों को भी जिला अस्पताल भेजा। जिसमें शकील की रास्ते में और भूरा की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
दो पिस्टल और कारतूस मिले
फ्लैट की तलाशी में दोनों बदमाशों से दो पिस्टल व भारी मात्रा में कारतूस मिले हैं। फ्लैट से 4.70 लाख रुपये बरामद हुए हैं। फ्लैट के नीचे एक बाइक भी मिली है। जिससे बदमाशों ने सोमवार को कलेक्शन एजेंट अजित मलिक से 9.90 लाख रुपये लूटे थे। यह बाइक और बदमाश शकील सीसीटीवी में कैद हुआ था।
गोली की आवाज सुनकर घर से बाहर निकले लोग
- फोटो : अमर उजाला
दहशत में मनोज का परिवार
एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने बताया है कि मनोज गर्ग का परिवार पांच दिन पहले ही फ्लैट में किराये पर रहने आया था। तभी बदमाशों ने उनके फ्लैट पर कब्जा कर लिया था। इससे परिवार दहशत में था। बदमाशों को यकीन था कि यह सुरक्षित जगह है। पॉश कॉलोनी के इस फ्लैट पर पुलिस को शक भी नहीं होगा।
आधी रात गोलियों की तड़तड़ाहट से जागे लोग
पल्लवपुरम की पॉश कॉलोनी उदय सिटी में गुरुवार आधी रात लोगों की नींद गोलियों की तड़तड़ाहट से टूटी। पूरी कॉलोनी में पुलिस फोर्स देकर लोग दहशत में थे। हल्ला मचा कि आतंकी आ गए हैं। हालांकि पुलिस ने लोगों को समझाया कि डरो मत। बदमाश हैं, हम निपट लेंगे।
उदय सिटी में आधी रात को जब पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग शुरू हुई तो लोग गहरी नींद में थे। अचानक गोलियों की आवाज सुनकर लोग घरों के बाहर आ गए। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि उन्हें कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। कप्तान से लेकर सीओ, इंस्पेक्टर व कई थानों की फोर्स से कॉलोनी छावनी सी दिखाई दे रही थी। आधा घंटे चली मुठभेड़ में लूट में वांछित बदमाश शकील और भूरा को पुलिस ने मार गिराया।
दिन में पुलिस ने की पूछताछ
एनकाउंटर के बाद पुलिस ने उदय सिटी में लोगों से पूछताछ की। वहां पर करीब 40 से अधिक परिवार रहते हैं। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि पुलिस ने बदमाशों को मारकर अच्छा काम किया है।
मुठभेड़ में लगीं गोली, अस्पताल में मौत, शकील को तीन और भूरा को दो गोलियां लगीं
उदय सिटी स्थित फ्लैट में मारे गए बदमाश शकील और भूरा थे। इसकी जानकारी होने के बावजूद पुलिस ने कलेक्शन एजेंट अजित मलिक को बुलाकर शकील की पहचान कराई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार शकील को तीन और भूरा को दो गोली लगी थीं।
सीसीटीवी में कैद हुई कलेक्शन एजेंट से लूटपाट की एक फुटेज में शकील का चेहरा स्पष्ट था। पुलिस उसकी पहचान कई लोगों से करा चुकी थी। शकील ने अपने दोस्त अरशद की बाइक से वारदात को अंजाम दिया था। यह बात भी पुलिस को पता थी। शकील अरशद की बाइक वापस नहीं देना चाहता था, क्योंकि कलेक्शन एजेंट बाइक को पहचानता था। वह सीसीटीवी में कैद हो गई थी। बाइक न मिलने पर अरशद गुरुवार शाम को पल्लवपुरम थाने में बाइक लूट की शिकायत करने गया था, लेकिन किसी कारण से लौट आया था।
पोस्टमार्टम हाउस से लेकर लिसाड़ीगेट तक फोर्स
गुलफाम उर्फ भूरा का आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला। इसकी जानकारी पर पुलिस भी तनाव में आ गई। दोपहर तक पुलिस भूरा का दूसरे जनपदों से रिकार्ड तलाश कराती रही। भूरा की मौत पर मामला तूल पकड़ सकता है, इसको देखते हुए शुक्रवार को पोस्टमार्टम से लेकर लिसाड़ीगेट तक पुलिस फोर्स लगा दी गई।
इंस्पेक्टर और सिपाही की अस्पताल से छुट्टी
मुठभेड़ में बदमाशों की गोली से घायल पल्लवपुरम इंस्पेक्टर जनक सिंह चौहान और सिपाही विकास दहिया की शुक्रवार दोपहर बाद अस्पताल से छुट्टी हो गई। पुलिस ने बताया कि दोनों को एक-एक गोली लगी थी। एसएसपी ने दोनों को छुट्टी लेकर घर पर आराम करने की बात कही है।