मेरठ। दो फर्जी वोटर कार्ड बनवाने के आरोप में जेल भेजी गई सबा उर्फ नाजिया की बेटी एमन का नाम जांच के दौरान पुलिस ने प्राथमिकी से निकाल दिया है। वहीं एमन के दस्तावेज बनवाने के आरोप में पुलिस उसके पिता फरहत पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। इसके चलते फरहत की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट में दायर की है। इस याचिका पर मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई होगी। वहीं सबा की जमानत याचिका पर 12 मार्च को सुनवाई होगी।
14 फरवरी को देहली गेट थाने में कोठी अतानस निवासी रुखसाना ने दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा था कि जली कोठी की नादिर अली बिल्डिंग निवासी बैंड कारोबारी फरहत मसूद ने वर्ष 1988 में पाकिस्तान के लाहौर जाकर सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया से पाकिस्तान में निकाह किया था। इसके लगभग एक साल बाद वह पति फरहत के साथ दीर्घकालीन वीजा पर भारत आ गई। दंपती के तीन संतान हुईं। इनमें दो बेटे भारत में हुए। वर्ष 1993 में नाजिया पाकिस्तान गई थी। वहां उसने 25 मई 1993 को बेटी एमन को जन्म दिया। इसके बाद वह पाकिस्तानी पासपोर्ट पर एमन को लेकर भारत आ गई।
आरोप था कि वर्ष 2003 में सबा मसूद और नाजिया के नाम से दो वोटर कार्ड बनवाए गए। एमन फरहत शहर के एक नामी स्कूल में पढ़ाई करने के बाद वकील बन चुकी है। एमन पर भी फर्जी पहचान पत्र जन्मप्रमाण पत्र आदि के जरिये भारतीय नागरिक बनने का आरोप लगाया गया था। पुलिस दोनों मां-बेटी पर धोखाधड़ी आदि द्वारा में प्राथमिकी दर्ज कर सबा को 16 फरवरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। सबा फिलहाल जेल में है। अब पुलिस की जांच में सामने आया है कि एमन स्कूल में प्रवेश के दौरान काफी छोटी थी। इसलिए जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में उसका कोई दोष नहीं है। पुलिस को जानकारी मिली है कि जन्म प्रमाण पत्र उसके पिता फरहत ने बनवाया था। इसके चलते उनका नाम केस में शामिल किया जाएगा। एडवोकट वीके शर्मा ने बताया कि पुलिस ने एमन के नाम निकालने की लिखित जानकारी कोर्ट में दी है। पुलिस फरहत को आरोपी बना सकती है। इसलिए उसकी अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट में दायर की गई है।