कोर्ट में सरकारी वकील एमके सिंह बताया कि आरोपी को मेरठ से गिरफ्तार किया गया था। वह भारतीय विदेश मंत्रालय में कार्यरत था तथा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को गुप्त सूचनाएं भेज रहा था। आरोपी आईएसआई हैंडलर्स के ग्रुप में शामिल होकर देशविरोधी कामों में लिप्त था। यह भी बताया गया कि इस दौरान वह पैसों के लालच में भारतीय दूतावास, रक्षा व विदेश मंत्रालय तथा भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों की गतिविधियों के बारे में सूचनाएं दे रहा था।
शुरुआत में उसने सतेंद्र को बताया कि उसे अपने एक प्रोजेक्ट के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय और सेना की कुछ जानकारियां चाहिए। सतेंद्र हनी ट्रैप में फंसकर अपने मंत्रालय के अलावा दूसरी वो जानकारियां भी देने लगा जो उसके कार्यक्षेत्र में नहीं थीं। एटीएस सूत्रों की मानें तो आखिरी तक भी सतेंद्र को इस बात का आभास नहीं हुआ कि जिस महिला पूजा से वह बात कर रहा है वो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की हैंडलर है।
बैंक अकाउंट की चल रही जांच
सतेंद्र के बैंक अकाउंट की एटीएस जांच में जुटी है। अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई कि उसके अकाउंट में कितनी रकम आई।