यदि सब कुछ ठीक रहा तो अगले पांच साल में मेरठ के दस हजार वाशिंदों के घरौंदे का सपना पूरा हो जाएगा, वह भी कम दाम में। दो स्कीमों में कुल रकम का लगभग 75 प्रतिशत धन ही आवंटी को जमा करना होगा, और बाकी रकम की छूट दी जाएगी। शुक्रवार को लखनऊ में हुई बैठक में प्रमुख सचिव सदाकांत ने वीसी एमडीए और चीफ इंजीनियर से कहा कि डीपीआर बनाकर जल्द पेश करो, ताकि इस योजना पर काम हो सके।
यह है योजना
दरअसल यह प्रधानमंत्री आवास योजना है। योजना केन्द्र सरकार की है, पर इसे फलीभूत प्रदेश सरकार को करना है। यही कारण है कि डीपीआर को स्वीकृत करने का अधिकार भी केन्द्र सरकार ने प्रदेश के मुख्य सचिवों को ही दिया है। प्लान यह है कि वर्ष 2022 तक देश में दो करोड़ आवास बनाए जाएं। सभी के घर का सपना साकार हो।
सीमित आय वालों को मिलेंगे
दरअसल इसकी दो योजना हैं। इनमें तीस और साठ वर्ग मीटर में मकान बनेंगे। पहले तीस वर्ग मीटर के आवास पर आय की सीमा एक लाख रुपये रखी गई थी, पर अब तीन लाख रुपये अधिकतम सालाना कमाने वालों को ये आवास आवंटित किए जाएंगे। 60 वर्ग मीटर के आवास पर अधिकतम आय छह लाख रुपये सालाना होनी चाहिए। ऋण के लिए हुडको और नेशनल हाउसिंग बैंक को जिम्मेदारी दी गई है। सूडा (स्टेट अरबन डेवलेपमेंट एजेंसी) के साथ मेरठ विकास प्राधिकरण इस पर काम करेगा।
ज्यादा छूट से कम होगी दिक्क्त
आवंटियों को कुल रकम पर भारी छूट मिलेगी। रकम का 75 प्रतिशत हिस्सा आवंटी का और 25 प्रतिशत सरकार का होगा। मसलन यदि 15 वर्ष के लिए 15 लाख रुपये का लोन साठ मीटर के आवास के लिए लिया गया है, तो लगभग साढे़ तीन लाख रुपये की छूट होगी। छह लाख के लोन पर लगभग दो लाख रुपये बचत बैठती है।
अन्य प्रोजेक्ट की भी समीक्षा
इस बाबत शुक्रवार को लखनऊ में बैठक ली गई, जिसमें एमडीए वीसी योगेंद्र यादव और चीफ इंजीनियर एससी मिश्रा ने शिरकत की। प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन सदाकांत ने एमडीए अधिकारियों ने कहा कि वे डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट पेश करें। मौखिक रूप से अधिकारियों ने बताया कि यदि सब ठीक रहा तो अगले पांच साल में सात से दस हजार आवास इस योजना में बनाए जा सकेंगे। इसके अलावा साइकिल ट्रैक समेत अन्य प्रोजेक्टों की भी समीक्षा की गई।
सीएम का सपना, भव्य हो नौचंदी मेला
मेरठ। मेरठ के मेला नौचंदी को और ज्यादा भव्य बनाने के लिए अब मेरठ विकास प्राधिकरण को भी मशक्कत करनी होगी। सीएम अखिलेश यादव ने इस बाबत निर्देश दिए हैं, तो सीएम के फरमान को प्रमुख सचिव आवास सदाकांत ने एमडीए अधिकारियों के सामने रख दिया है।
शुक्रवार को लखनऊ में हुई बैठक में प्रमुख सचिव सदाकांत ने कहा कि शहरों की पुरानी परंपराओं को सहेजने के लिए सीएम खुद पहल कर रहे हैं। मेला नौचंदी मेरठ की पहचान है। उसे और ज्यादा भव्य बनाना होगा। इस बाबत एमडीए भी अवस्थापना निधि से वहां काम कराए। संबंधित विभागों से संपर्क कर यह देखे कि क्या आवश्यकता है। सौंदर्यीकरण कराया जाए। विदित हो कि मेला नौचंदी का नगर निगम और जिला पंचायत आयोजन करता है। अब इससे एमडीए जुड़ेगा तो निश्चित रूप से यहां सुविधाएं बढ़ेंगी।