देर रात दोबारा शुरू हुई ऑक्सीजन की आपूर्ति
मेरठ। दिन में कई घंटे की जद्दोजहद और हल्ला-हंगामे के बाद सोमवार रात जिले को ऑक्सीजन की आपूर्ति दोबारा शुरू हो गई। इनोक्स की ओर से बिजौली और अग्रवाल गैसेस पर लिक्विड पहुंचाई गई है। प्रशासन ने बोकारो से हवाई जहाज से ऑक्सीजन मंगाने का प्रयास किया है। सड़क मार्ग से भी लिक्विज आ रहा है। इससे पहले दिन में मोहिउद्दीनपुर-गेझा मार्ग स्थित कंसल गैसेज और बिजौली प्लांट पर लिक्विड कैप्सूल नहीं आने के कारण ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हुई थी। कंसल गैसेज के गोदाम पर 24 घंटे से लाइन में लगे लोगों ने ऑक्सीजन सिलिंडर न मिलने पर हंगामा के साथ पथराव भी किया। प्लांट पहुंचे मालिक की गाड़ी भी अंदर नहीं जाने दी। उधर, कृष्णा गैस रिठानी में भी रविवार देर रात 10 टन लिक्विड आया था, जो सोमवार को बांटा गया।
मोहिउद्दीनपुर स्थित कंसल गैसेज के प्लांट पर भीड़ के कारण सोमवार दोपहर सिवालखास मार्ग पर जाम लग गया। मेरठ के अलावा दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के लोग घंटों से डॉक्टर का पर्चा लेकर ऑक्सीजन का इंतजार कर रहे थे। प्लांट पर सड़क के दोनों ओर वाहन खड़े थे। कोई कंधे पर ऑक्सीजन सिलिंडर ले जा रहा था तो कोई कार की डिग्गी में सिलिंडर रखने के लिए तैयार था। इसी दौरान गैस गोदाम मालिक रोहित कंसल आए तो उनको लोगों ने अंदर नहीं जाने दिया। गोदाम गेट पर खाली सिलिंडर लगाकर रास्ता बंद कर दिया। भीड़ प्लांट पर पत्थर भी फेंकने लगी। मौके पर पुलिस पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत किया।
लोगों ने आरोप लगाया कि सिफारिशों के आधार पर महंगे दाम पर सिलिंडर दिए जा रहे हैं। गाजियाबाद के अभिषेक ने कहा कि जनता परेशान है पता नहीं किसे गैस दी जा रही है। दिल्ली से आए इकराम ने कहा कि रात से लाइन में लगा हूं पर गैस नहीं मिली। वहीं रोहित कंसल का कहना है कि गोदाम पर गैस ही नहीं थी। उधर, बिजौली गैस प्लांट पर दिनभर लोग सिलिंडर रीफिलिंग के लिए कतार में लगे रहे, मगर उन्हें निराशा हाथ लगी। लोगों को लिक्विड नहीं है, कहकर लौटाए जाने के बावजूद कई लोग भूख-प्यास की परवाह न करते हुए इंतजार करते रहे।
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सांसद ने सीएम से मांगी 35 मीट्रिक टन ऑक्सीजन
मामले में सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की और ई-मेल के जरिए बताया कि मेरठ में 35 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरुरत है लेकिन सिर्फ 10 मीट्रिक टन गैस की आपूर्ति की जा रही है। इस कारण चिकित्सा सेवाओं को चलाने में कठिनाई आ रही है। कई अस्पताल ऑक्सीजन की अनुपलब्धता के कारण रोगियों को भर्ती करने से मना कर रहे हैं।
उन्होंने मेरठ के लिए जल्द 35 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की मांग की है। इस बीच सांसद प्रतिनिधि हर्ष गोयल ने बताया कि अब मेरठ को भरपूर ऑक्सीजन मिल सकेगी। हरिद्वार भेल की ओर से छह क्यूबिक वाले करीब 150 सिलिंडर मेरठ में दो बार में आएंगे। सिलिंडर सीधे अस्पतालों में जाएंगे।