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बांग्लादेशी, तिब्बती रह सकते हैं तो रोहिंग्या क्यों नहीं : ओवैसी

Mon, 16 Oct 2017 02:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ

सार

आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जब भारत में बांग्लादेशी और तिब्बती रह सकते हैं तो फिर रोहिंग्या क्यों नहीं।
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असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जब भारत में बांग्लादेशी और तिब्बती रह सकते हैं तो फिर रोहिंग्या क्यों नहीं। उन्होंने कानून व्यवस्था और गोरखपुर सहित उप्र के कई जिलों में अस्पतालों में बच्चों की मौत को सरकार की नाकामी बताया। देश के विकास पर केंद्र और यूपी सरकार को भी घेरने की कोशिश की।
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ओवैसी शनिवार को नौचंदी मैदान में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें पहली बार पश्चिम उत्तर प्रदेश में सभा करने की अनुमति मिली है। रैली में असदुद्दीन ओवैसी तीन घंटे देरी पहुंचे। उनके प्रशंसकों को धूप में इंतजार करना पड़ा, लेकिन मंच पर पहुंचने के बाद ओवैसी अपने तीखे तेवरों से केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में एक लाख से ज्यादा तिब्बती और एक लाख के करीब ही बांग्लादेशियों को जगह दी जा सकती है, तो देश में बर्मा के रोहिंग्या मुसलमानों को जगह देने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन रोहिंग्या मुस्लिम राजनीतिक भेंट चढ़ गए। उन्होेंने मामले में केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाया। भाजपा और सपा पर प्रहार करते हुए दोनों को एक सिक्के के दो पहलू बताया। उन्होंने कहा पिछली सपा सरकार की तरह उप्र में भाजपा सरकार में भी हत्याएं, रेप, डकैती, अपहरण और लूट के मामले बढ़े हैं।

केंद्र सरकार से रोहिंग्या मुस्लिमों को देश में जगह देने की पैरवी

औवेसी का स्वागत - फोटो : अमर उजाला
ओवैसी ने कहा कि उन्होंने भी केंद्र सरकार से रोहिंग्या मुस्लिमों को देश में जगह देने की पैरवी की, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने मामले को राजनीतिक रंग देकर रफा दफा कर दिया। हालांकि ओवैसी ने हज सब्सिडी समाप्त करने पर केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हज सब्सिडी देने के नाम पर जनता को धोखा दिया जाता था। इसके अलावा उन्होंने कब्रिस्तान की चाहरदिवारी पर रोक लगाने को सरकार के फैसले को गलत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के ऐसे फैसले ‘सबका साथ सबका विकास’ नारे के कोई मायने नहीं रह जाते हैं, जबकि सब्सिडी का फायदा इंडियन एअर लाइंस को मिलता था। वेे केंद्र सरकार से करीब 15 सालों से सब्सिडी खत्म करने की मांग कर रहे थे। उन्होंने तीन तलाक मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद किया। उनके अनुसार एक साथ तीन तलाक शरीयत में सही नहीं मानी जाती है। उन्होंने कहा कि 2014 में भारत का पूरी दुनिया ग्लोबल हंगर इंडेक्स यानि कितने लोग भूखे थे, इसमें भारत का नंबर 55 पर नंबर था, अब 2017 अक्तूबर तक भारत का नंबर 100 पर आ गया है।

सरकार के गड्ढे मुक्त सड़कों का सपना भी पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने योगी सरकार पर चुटकी लेते हुए कहा कि दिल्ली से मेरठ तक कई हजार गड्ढों से गुजरकर पहुंचा हूं। अयोध्या में राम मंदिर मुद्दे को लेकर भी भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गुजरात दंगों के दौरान मस्जिदों और मदरसों में जो नुकसान हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने जनता के पैसों से उसकी भरपाई करने से इंकार कर दिया। लेकिन भाजपा सरकार अयोध्या में 100 मीटर का राम मंदिर बनाने की तैयारी में है। उन्होंने सरकार से सवाल किया राम मंदिर निर्माण में वो पैसा कहां से लगा रहे हैं। ये सुप्रीमकोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। उन्होेंने नोएडा में अखलाक के 15 हत्यारोपियों को एनटीपीसी में कांट्रेक्ट पर नौकरी देने पर भी सरकार पर सवाल उठाए। 
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हाईकोर्ट बेंच का समर्थन किया 

मंच पर बोलते औवेसी - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने मेरठ में हाईकोर्ट बेंच का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट बेंच की स्थापना पश्चिम उप्र में होगी तो गरीबों को सस्ते में न्याय मिल सकेगा। उन्होंने जनपद के 1857 में क्रांतिकारियों की बलिदान को याद करते हुए मुस्लिमों को किसी भी हाल में डरने से मना किया। कहा, अगर जनपद के मुस्लिम सरकार के किसी रवैये से डरेंगे। तो क्रांतिकारियों की रूह को दुख पहुंचेगा। इसलिए मेरठ शहर के लोगों को हर मोर्चे पर मुसीबतों का डटकर सामना करना चाहिए। गोरखपुर सहित उप्र के कई जिलों में अस्पतालों में बच्चों की मौत को सरकार की नाकामी बताया।   

यह रहे मौजूद
आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली, प्रदेश प्रवक्ता शादाब चौहान, जिलाध्यक्ष मौ. अनस, जिला उपाध्यक्ष फजल करीम, जिला महासचिव इमरान अंसारी, जिला सचिव विनोद जाटव, जाकरीन चौहान, जिला कोषाध्यक्ष जुबैर इरशाद, रिजवान अंसारी, हाफिज उम्मैद, परवेज आलम, शादाब चौधरी, एडवोकेट असजद, जुबैर सैफी, जमियत उलमा ए हिंद के जिला अध्यक्ष जीएम मुस्तफा अध्यक्ष रहे।  
   
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