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महिला कॉलेजों के बाहर फिर दिखने लगे शोहदे

Sat, 06 May 2017 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एंटी रोमियो अभियान चलाकर पुलिस ने छात्राओं में साहस का जो हौसला भरा था, वो हौसला अब टूटता नजर आ रहा है। अभियान बंद होने से महिला कॉलेजों, बाजार और स्कूलों के बाहर फिर से बाइकों की कतारें लगने लगी हैं। लड़कियों के कॉलेज के  बाहर मनचले और शोहदों का जमावड़ा फिर नजर आने लगा है। छेड़खानी और कमेंट्स की कैद से खुद को मुक्त महसूस करने वाली लड़कियां अब कॉलेज गेट के बाहर पुलिस को न देखकर डर रही हैं। छात्राएं कहती हैं चौराहों, कॉलेज-स्कूल के बाहर और बाजार में जगह-जगह पुलिस की गाड़ी देखकर हमें हिम्मत महसूस होती थी। कोई में छेड़ेगा नहीं, पुलिस हमारे साथ है, लेकिन अब फिर से डर लगने लगा है। 
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हालात में हुआ था बहुत सुधार
इस्माइल नेशनल महिला डिग्री कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. साधना सहाय कहती हैं कि कॉलेज के बाहर हमेशा सिक्योरिटी गार्ड और स्टाफ तैनात रहता है। लेकिन पुलिस ने जब एंटी रोमियो अभियान चलाया तो बहुत मदद मिली। समय-समय पर पुलिस वैन कॉलेज के बाहर सिक्योरिटी के लिए खड़ी भी होती है। पुलिस को देखकर छात्राएं भी साहस महसूस करती हैं।

बातचीत--
कॉलेज के आसपास सड़क पर लड़के खड़े रहते हैं। आते-जाते वक्त लड़कियों को छेड़ते हैं, एंटी रोमियो अभियान चलने से वो सब गायब हो गए थे। लेकिन अब फिर से दिखने लगे हैं। त्रिशला त्यागी, छात्रा आरजी कॉलेज
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बाइकों पर जो गलत लोग कॉलेज से थोड़ा दूर खड़े होकर कमेंट पास करते थे, पुलिस ने एंटी रोमियो अभियान चलाकर उन सभी को भगा दिया। कॉलेज के आसपास लड़कों ने घूमना भी छोड़ दिया था। लेकिन अब फिर से घूमने लगे हैं। माहीनूर, छात्रा आरजी कॉलेज

एंटी रोमियो अभियान से बहुत सुरक्षा मिली थी। कई लड़कियां तो इस छेड़खानी क ी वजह से कॉलेज नहीं आ पाती थीं। जब उन्होंने देखा कि एंटी रोमियो अभियान चलाकर ऐसे लड़कों को भगाया जा रहा है तो वो भी कॉलेज आने लगी थीं। पूजा, छात्रा आरजी कॉलेज 

एंटी रोमियो अभियान समय-समय पर चलते रहना चाहिए। रुटीन में पुलिस बहुत कम कॉलेज के बाहर खड़ी होती है। पुलिस की वैन, महिला पुलिस भी कभी-कभी आते हैं। लेकिन एंटी रोमियो अभियान चलने से रोजाना पुलिस आकर खड़ी होती थी। शिल्पा, छात्रा आरजी कॉलेज

छात्राओं की सुरक्षा का सवाल केवल कॉलेज के बाहर तक नहीं है। सुरक्षा तो घर से कॉलेज आने, बाजार जाने में भी जरूरी है। एंटी रोमियो अभियान चलने से बाजार, मंदिर, सिनेमा, कोचिंग और कॉलेज हर जगह जाने में सुरक्षा महसूस होने लगी थी। हर्षी, छात्रा इस्माइल नेशनल महिला कॉलेज

गांव से जो लड़कियां बस से कॉलेज आती हैं, उनको बहुत परेशानी होती है। पुलिस ने जब एंटी रोमियो अभियान चलाया तो हर जगह छेड़खानी रुकी थी। कॉलेज के आसपास तो लड़कों ने मंडराना ही छोड़ दिया था। लेकिन अब फिर से वही हालात हैं। पायल, छात्रा इस्माइल नेशनल महिला कॉलेज

छात्राओं के साथ अभिभावक भी बेटियों को कॉलेज भेजने से डरते हैं। कोई कुछ गलत न बोल दे, यह डर लगता है। एंटी रोमियो अभियान में पुलिस ने कई मनचलों को पकड़कर सबक सिखाया था। उससे डर खत्म हुआ था। प्रियंका, छात्रा इस्माइल नेशनल महिला कॉलेज

छात्राओं क ी सुरक्षा के लिए कॉलेज ही नहीं स्कूलों और बाजारों में एंटी रोमियो अभियान जरूर चलना चाहिए। इससे छात्राएं सुरक्षित महसूस करती हैं। लड़के भी डरने लगते हैं। निदा, छात्रा इस्माइल नेशनल महिला कॉलेज

छात्रा पति, दोस्त या भाई के साथ है तो एंटी रोमियो के नाम पर उसे पकड़ना गलत है। लेकिन एंटी रोमियो अभियान से आम छात्राओं को बहुत राहत मिली थी। जो लड़कियां भाई और पति के साथ आएंगी वो कभी मुंह ढंककर कॉलेज नहीं आएंगी। हिना, छात्रा इस्माइल नेशनल महिला कॉलेज
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