उससे स्कूटी के बारे में पूछताछ की गई। जुनेद ने स्कूटी को सही बताते हुए उसे खरीदने के कागज भी दिखाए, लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी। आरोप है कि उसे अपमानित कर झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई। उससे तीन लाख की मांग की गई। डर कर जुनेद ने बिचौलिए की मदद से एक लाख रुपये पुलिस को दिए। बाद में दो लाख का दबाव बनाया जाने लगा।
परेशान होकर पीड़ित जुनेद ने यह शिकायत तीन दिन पहले एसएसपी अभिषेक यादव से की। एसएसपी ने एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय को जांच कराने के निर्देश दिए। जांच में मामला सही पाया गया। इसके बाद मंगलवार देर रात एसएसपी ने खालापार चौकी प्रभारी प्रवेश शर्मा, सिपाही प्रशांत चौधरी, प्रशांत शर्मा, कपिल व संदीप कुमार को लाइन हाजिर कर दिया।
सराहनीय कार्य पर चौकी प्रभारी को मिल चुके है मेडल
पुलिस के मुताबिक लाइन हाजिर किए गए चौकी प्रभारी प्रवेश शर्मा को सराहनीय कार्य करने पर पूर्व में कई मेडल भी मिल चुके है। मगर, इस बार उनके कार्य से पुलिस बदनाम हुई है।