लतीफपुर में मौत का तांडव, आए दिन उठ रहे शव
पंचायत चुनाव के बाद से संदिग्ध बीमारी से दो दर्जन लोगों की हो चुकी मौत
मंगलवार को एक महिला की जान गई, नहीं पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। ब्लॉक क्षेत्र के गांव लतीफपुर में संदिग्ध बीमारी ने कोहराम मचा रखा है। पंचायत चुनाव के बाद से अभी तक करीब दो दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को भी बुखार से एक महिला की मौत हो गई। वर्तमान में गांव में चार लोग कोराना पॉजिटिव भी हैं। उन्हें होम क्वारंटीन किया गया है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने गांव में व्यापक स्तर पर कोरोना जांच अभियान नहीं चलाया। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
गांव में मंगलवार को 55 वर्षीय महिला भगवानी पत्नी दर्शन सिंह की बुखार से मौत हो गई। ग्राम प्रधान दिलदार सिंह ने बताया कि बीते एक माह में गांव में दो दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 15 लोगों की मौत समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण और दस लोगों की मौत संदिग्ध बुखार की चपेट में आने से हुई है। गांव में कई संदिग्ध मरीज हैं, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग से कोरोना किट दिलवाई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कोरोना की जांच के लिए अभी तक कोई अभियान नहीं चलाया है। कुछ घरों में आशा कार्यकर्ताओं की मदद से संदिग्ध कोरोना मरीजों की पहचान कराई जा रही है।
पंचायत चुनाव ने बढ़ाई मुश्किलें
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत चुनाव के बाद से गांव के हालात बिगड़ गए हैं। गांव के अधिकतर लोग दिल्ली में रहकर ही काम करते हैं। चुनाव के पहले से ही दिल्ली में कोरोना का संक्रमण फैला था। चुनाव के दौरान दिल्ली से कई लोग प्रत्याशियों का प्रचार करने और मतदान करने आए थे।
अभी चार लोग पॉजिटिव
लतीफपुर पीएचसी पर तैनात डॉ. गुलशन ने बताया कि गांव में सभी लोगों की कोरोना जांच नहीं की गई है। संदिग्ध लोगों की जांच कर दवाइयों की किट बांटी जा रही है। लतीफपुर में चार पॉजिटिव होम क्वारंटीन हैं।
लोग नहीं करा रहे जांच
लतीफपुर समेत कई गांव में शिविर लगाकर संदिग्ध लोगों की जांच की गई है। बार-बार आग्रह के बाद भी लोग कोरोना की जांच नहीं करा रहे हैं। कैंप में मिले संदिग्ध और पॉजिटिव लोगों को दवाइयां बांटी गई हैं।
डॉ. अंकुर त्यागी, सीएचसी प्रभारी
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भैंसा गांव में दस दिन में 17 पॉजिटिव मिले, एक की मौत
स्वास्थ्य विभाग ने आज तक गांव में नहीं कराई कोरोना की जांच
बीते एक माह में संदिग्ध बीमारी से 20 लोगों की हो चुकी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। तहसील क्षेत्र के गांव भैंसा में बीते 10 दिन में 17 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। मंगलवार को कोरोना से एक की मौत भी हो गई। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कोरोना जांच के लिए टीम नहीं भेजी। बीमार लोगों ने अस्पताल जाकर खुद ही जांच कराई तो उन्हें कोरोना संक्रमित होने का पता चला।
गांव में सात से लेकर 17 मई तक लगाकर कोई न कोई व्यक्ति जांच में संक्रमित मिलता रहा। ग्राम प्रधान उमेश देवी ने बताया कि वर्तमान में 17 लोग कोरोना से संक्रमित हैं। बीते एक माह में करीब 20 लोगों की मौत हो चुकी है। बीमार होने पर इन लोगों ने जांच नहीं कराई थी। ऐसे में इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई कि उनकी मौत कोरोना से हुई या अन्य बीमारी से।
प्रधान ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि आज तक गांव में विभाग ने शिविर लगाकर बीमार लोगों की जांच नहीं की। न ही उनका हालचाल लेने का प्रयास किया। सोमवार को उन्होंने खुद ही आशा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर कोरोना के बचाव के लिए ग्रामीणों को जागरुक करने की योजना बनाई। गांव में सैनिटाइजेशन और फॉगिंग कराई। उन्होंने बताया कि गांव में 7 मई को तीन, 8 मई को पांच, 9, 10, 11, 12 मई को एक एक तथा 13 मई को दो उसके बाद 17 मई तक प्रतिदिन एक कोरोना पॉजिटिव मिला। सीएचसी प्रभारी डॉ. सतीश भास्कर ने कहा कि बुधवार को गांव में शिविर लगाकर जांच कराई जाएगी।
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