कोरोना महामारी के बीच जहां पुलिस कोरोना नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान काटने में व्यस्त है वहीं, गांवों में संघर्ष व तनाव पर पुलिस का फोकस नजर नहीं आ रहा है। आए दिन फायरिंग और पथराव की घटनाएं सामने आ रही है।
मेरठ चुनावी रंजिश को लेकर देहात सुलग रहा है। कई गांवों में खूनी संघर्ष हो चुका है। इसमें कई लोगों की जान तक चली गई। खुफिया विभाग ने इनपुट दिया है कि अभी कई गांवों में खूनखराबा होने के आसार हैं। इसके बाद भी पुलिस अलर्ट नहीं हुई है।
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किठौर थाना क्षेत्र के बोंद्रा गॉव में चुनाव रंजिश में एक युवक की हत्या, इंचौली के मसूरी गॉव में जिपं सदस्य अरूण चौधरी की गुंडागर्दी, दौराला, जानी, फलावदा सहित कई गांव में खूनखराबा हो चुका है। बताया गया कि पंचायत चुनाव में वोट देने और न देने को लेकर लोगों पर कमेंट किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं। इसके चलते विवाद, खींचतान और तनाव बढ़ रहा है।
दावतों को लेकर भी कसे जा रहे तंज
पंचायत चुनाव के दौरान किस प्रत्याशी ने क्या खिलाया-पिलाया और वोटरों को क्या मिला, इसे लेकर भी तंज कसे जा रहे हैं। इन मामलों से भी रंजिश और खींचतान बढ़ रही है। पुलिस टीमें ऐसे मामलों पर ध्यान नहीं दे रही है। वहीं, पुलिस कोरोना से लोगों को बचाने के लिए सड़कों पर चालान काटने में ज्यादा व्यस्त है।
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चुनावी रंजिश को लेकर पुलिस को सख्त हिदायत दी गई कि विवाद नहीं होने चाहिए, अन्यथा थाना पुलिस के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए थाना पुलिस गांव में जिम्मेदार लोगों से संपर्क करें, ताकि विवाद न हो। जहां विवाद हुए हैं उन पर सख्ती से कार्रवाई करें। -राजीव सभरवाल एडीजी मेरठ जोन।