चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में प्रत्येक वर्ष करीब तीन हजार क्विंटल आलू का उत्पादन होता है। एक हजार क्विंटल आलू जेल में खप जाता है, जबकि चार क्विंटल आलू को बीज के रूप में सुरक्षित रखते हुए शेष आलू की सप्लाई सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, देवबंद की जेलों के लिए की जाती है।
कंपोस्टिंग प्लांट संभालेंगे बंदी
जेल में बंदियों की संख्या लगभग 2500 है। बंदी की रुचि को देखते हुए जेल में उसे काम सौंपा जाता है। कंपोस्टिंग प्लांट लगने के बाद इन बंदियों को खाद तैयार करने की ट्रेनिंग मिलेगी। बाद में वही जेल के कूड़े से जैविक खाद तैयार करेंगे। जेल सूत्रों की मानें तो प्रतिदिन जेल से करीब 70 से 80 किलो कूड़ा निकलता है। ऐसे में जैविक खाद का यह प्रयोग सफल साबित हो सकता है।
कीटनाशक भी तैयार करने का प्रयास
जैविक खाद से तैयार होने वाली फसल लाभदायक होगी। कंपोस्टिंग प्लांट लगने के बाद जैविक खाद के अलावा फसलों पर छिड़का जाने वाला कीटनाशक भी यहीं तैयार करने का प्रयास होगा। इसका प्रभाव कैदियों की सेहत पर भी पड़ेगा।
-डॉ. बीडी पांडेय, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
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