मेरठ। सुशीला जसवंत राय मैटरनिटी हॉस्पिटल की चेयरपर्सन शीला गुप्ता के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए एसीजेएम कोर्ट संख्या पांच ने सुशीला जसवंत राय प्रबंध समिति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच का आदेश दिया है। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने बताया कि शीला गुप्ता सीनियर सिटीजन हैं। उनकी आयु करीब 90 साल है। जसवंत राय चूड़ामणि प्लस सोसाइटी की ट्रस्टी हैं।
ट्रस्ट द्वारा सुशीला जसवंत राय मैटरनिटी हॉस्पिटल संचालित किया जा रहा है। आरोप है कि इस मामले की वादी शीला गुप्ता को 15 दिसंबर 2019 को डाक द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि सभी ट्रस्टी ने वार्षिक आम सभा का संचालन किया। पता चला कि ट्रस्टी अशोक गुप्ता, विनय गुप्ता, आनंद गोयल, डॉ. भारती शर्मा व राजीव गुप्ता ने षड्यंत्र के तहत ट्रस्ट की वार्षिक आम सभा बुलाई। इसमें फर्जी तरीके से शीला गुप्ता की उपस्थिति दर्शाते हुए उनको सुशीला जसवंत राय हॉस्पिटल की मैनेजमेंट कमेटी से असंवैधानिक तरीके से हटा दिया। उनकी पुत्री कमेटी की सचिव नूतन गुप्ता को भी बिना किसी नोटिस के हटा दिया। इसके बाद प्रबंध कमेटी के इन सभी लोगों ने मीटिंग में शीला गुप्ता के फर्जी हस्ताक्षर बनाए और उसकी एक कॉपी डिप्टी रजिस्ट्रार को भी भेज दी। हालांकि शीला गुप्ता ने कभी भी मीटिंग अथवा किसी अन्य कागजात पर हस्ताक्षर नहीं किए। कागजात पर हस्ताक्षर उनसे भिन्न हैं। सुनवाई के बाद एसीजेएम कोर्ट संख्या पांच ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
वर्जन
वार्षिक आम सभा 15 दिसंबर को हुई थी। इसमें शीला गुप्ता को प्रबंध कमेटी की चेयरपर्सन नहीं चुना गया। इससे नाराज होकर उन्होंने शिकायत की थी। हालांकि चुनाव की पूरी प्रक्रिया अपनाई गई। 13 दिसंबर को इन्होंने अपना एजेंडा भी मीटिंग के लिए भेजा था। इसके अतिरिक्त अकाउंट का ऑडिट कराया गया। जिसमें गड़बड़ है। उसकी जांच चल रही है।-अशोक गुप्ता, ट्रस्टी