मेरठ। टीपीनगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर कूटी वाला मंदिर परिसर में खड़े जामुन का पेड़ काटने का कुछ लोगों ने विरोध किया। लोगों का कहना था कि इससे पहले भी यहां छाया और फलदार पेड़ काटे गए हैं। मंदिर के महंत रणसिम्हानंद यति का कहना है कि उन्होंने मंदिर परिसर में नशेड़ियों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है और विकास कार्य करा रहे हैं। इसका कुछ लोग विरोध कर रहे हैं।
टीपीनगर थाना क्षेत्र स्थित मंदिर में महंत और आसपास रहने वाले कुछ लोगों में शुक्रवार दोपहर विवाद हुआ। लोगों का कहना था कि मंदिर के पास ही खाली पड़ी जमीन पर कई पेड़ खड़े थे। इनमें एक पेड़ कटा पड़ा था और दूसरे जामुन के पेड़ को काटा जा रहा था। प्रदीप, सुरेंद्र, संदीप आदि लोगों का कहना था कि बिना अनुमति इन पेड़ों को काटा जा रहा है। यह जगह मंदिर परिसर की है और इसे कई साल पहले दान में दिया गया था लेकिन फिलहाल इसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने इस संबंध में आईजीआरएस पर वन विभाग से शिकायत की है।
इधर, महंत का कहना है कि उन्हाेंने एक साल पहले मंदिर की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद से उन्होंने यहां असामाजिक तत्वोें का प्रवेश रोक दिया। मंदिर में कई काम कराए। अब वह खाली पड़ी जमीन के गिराऊ पेड़ों को हटाकर यहां की सफाई कराकर नए पेड़ लगाना चाहते हैं। जामुन का पेड़ किसी मकान की दीवार से टकरा रहा है इससे हादसा होने का डर है। वह दूसरे शहरों से चंदा एकत्रित कर मंदिर में काम करा रहे हैं लेकिन कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।