कैंट में 11 जगहों पर वसूली का विरोध शुरू
- डीएम अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर रुकवा सकते हैं वसूली
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कैंट में 11 जगहों पर वाहन प्रवेश शुल्क वसूली के मामले मेें फैसला जनता के हित में होगा या नहीं इसका निर्णय बृहस्पतिवार को होने वाली बोर्ड बैठक में होगा। अगर कैंट बोर्ड अफसर प्रशासन की बात नहीं मानते हैं तो डीएम अपने विशेषाधिकार से कैंट एक्ट 2006 की धारा 56 के अंतर्गत इसे रुकवा सकते हैं। वहीं, 11 जगहों पर वसूली के मामले में ट्रांसपोर्टरों ने भी विरोध शुरू कर दिया है।
सात दिसंबर 2019 से कैंट में छह की बजाय 11 जगहों पर वाहन प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है। मवाना-रुड़की और दिल्ली रोड वसूली के खिलाफ कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल और व्यापारियों के विरोध के चलते कैंट बोर्ड को तीन केंद्रों को हटाना पड़ा था, लेकिन ठेका 11 जगहों पर छोड़े जाने के कारण हाईकोर्ट ने 11 जगहों पर ही वसूली पर मुहर लगा दी। कैंट अधिकारियों ने दावा किया था कि अगली बार 11 जगहों पर ठेका नहीं छोड़ा जाएगा लेकिन पूर्व सीईओ ने फिर से 11 जगहों पर ही वसूली के ठेके का टेंडर जारी कर खेल कर दिया। मामले में कैंट विधायक ने मुख्यमंत्री से शिकायत की तो जिला प्रशासन ने कैंट बोर्ड अधिकारियों को वसूली के लिए रोक दिया था। तय हुआ था कि 11 जगहों में से रुड़की रोड-मवाना रोड और दिल्ली रोड को हटाकर ही टेंडर फाइनल किया जाएगा। अब 21 जनवरी को होने वाली बोर्ड बैठक में फिर से 11 जगहों पर वसूली का प्वाइंट दिया गया है। बता दें कि इस समय कैंट बोर्ड में उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी के अलावा पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा भी भाजपा में आ चुकी हैं। बाकी सभी सदस्य भी भाजपा में हैं।
जब सुविधा नहीं तो शुल्क क्यों
तीनों सड़कें पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के स्वामित्व की हैं। ऐसे में इन पर कैंट बोर्ड टोल नहीं वसूल सकता है। इस पर कोर्ट ने भी रोक लगा दी थी। जिसके बाद देश की कई छावनी से अफसरों ने टोल का नाम खत्म करते हुए इसे वाहन प्रवेश शुल्क का नाम दे दिया था। यहां पर वसूली तो हुई लेकिन टोल के एक भी नियम का पालन नहीं किया गया। इसको लेकर सेना के सदस्यों की अध्यक्षता में एक समिति बनी लेकिन वो आज तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाई।
वसूली के प्वाइंट पर होता है दुर्व्यवहार
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मेरठ के अध्यक्ष गौरव शर्मा की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को कैंट बोर्ड सीईओ नवेंद्र नाथ से मिला। ट्रांसपोर्टर ने कहा कि मुख्य मार्गों पर लगाए जा रहे प्रवेश शुल्क के नाम पर जनता का उत्पीड़न हो रहा है। प्रवेश के नाम पर वहां पर वसूली करने वाले दुर्व्यवहार करते हैं। व्यापारी नेता विपुल सिंघल ने कहा कि स्कूल की छुट्टी के समय दोपहर डेढ़ बजे से साढ़े तीन बजे तक फैज-ए-आम इंटर कॉलेज के सामने बैरियर पर बहुत भीड़ रहती है। ऐसे में यहां पर सभी प्रकार के वाहनों को प्रवेश शुल्क से छूट दी जाए। इस दौरान ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मेरठ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंकज अनेजा, संरक्षक सरदार खेता सिंह एवं रविकांत राठी आदि मौजूद रहे।
प्रशासन अपनी बात रख चुका है
बोर्ड बैठक में मौजूद रहूंगा। प्रशासनिक अधिकारी मामले में कैंट अफसरों के सामने अपना पक्ष रख चुके हैं। प्रशासन की तरफ से इस बार भी वही बात रखी जाएगी। हमारे उपाध्यक्ष और सभी सदस्य इसके विरोध में हैं। - सत्यप्रकाश अग्रवाल, विधायक कैंट
बिना ट्रेड लाइसेंस के नहीं होगा काम
मेरठ। कैंट में बिना ट्रेड लाइसेंस के कोई भी काम नहीं होगा। अभी तक जहां 26 कार्यों के लिए ट्रेड लाइसेंस जारी किया जाता है वहीं अब इसको 95 कार्यों में जारी किया जाएगा। 21 जनवरी को आयोजित बोर्ड बैठक में इसको रखा जाएगा। किस कार्य में कितना ट्रेड शुल्क देना होगा यह सब बोर्ड बैठक में पास हो सकता है। अभी तक ट्रेड लाइसेंस लेने के लिए दुकान, सिनेमाहाल, होटल, शराब दुकान, अन्य कार्य शामिल हैं। नए प्रस्ताव में बेकरी दुकाने, स्कूल शैक्षणिक संस्थान और दूसरे तमाम कार्यों पर भी ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य किया जा सकता है। सभी ट्रेड लाइसेंस के लिए ई छावनी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किए जाएंगे।