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होली मिलन के बहाने विपक्ष ने दिखाई ताकत

Sun, 19 Mar 2017 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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 जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ लामबंदी शुरू हो गई है। शनिवार को विपक्ष ने होली मिलन समारोह के बहाने अपनी ताकत दिखाई। कार्यक्रम में अविश्वास प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में 25 जिला पंचायत सदस्य या उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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जिला पंचायत बोर्ड को गठित हुए अभी करीब 14 माह हुए हैं। लेकिन पहले ही दिन से जिला पंचायत अध्यक्ष और विपक्षी खेमे के बीच तलवारें खिंची हुई हैं। पहली ही बोर्ड बैठक में जमकर मारपीट हुई थी। इसके बाद से विपक्ष ने किसी बैठक में भाग नहीं लिया। इस दौरान तमाम आरोप जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान की कार्यप्रणाली को लेकर लगते रहे। लेकिन उनके पति अतुल प्रधान के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी होने के कारण तमाम शिकायतें और आरोप ठंडे बस्ते में जाते रहे। जैसे ही प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ, वैसे ही भाजपा सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया। पिछले पांच दिन से सक्रिय जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़े कुलविंदर सिंह ने शनिवार को गंगानगर स्थित एक रेस्टोरेंट में होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान को छोड़ बाकी सभी सदस्यों को बुलाया गया था।

अतुल प्रधान ने पूरी गुंडई की : नवाजिश
जिला पंचायत सदस्य और पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के पुत्र नवाजिश मंजूर पहली बार विपक्षी खेमे के किसी कार्यक्रम में नजर आए। हालांकि इस दौरान उन्होंने सिर्फ होली मिलन समारोह में आने की ही बात कही और अविश्वास की चर्चा से खुद को दूर रहना बताया। लेकिन उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर उठाए। नवाजिश ने कहा कि अतुल प्रधान ने मुख्यमंत्री के करीबी होने का दावा कर गलत काम किये, जिसका खामियाजा पार्टी को मेरठ में उठाना पड़ा। अतुल प्रधान ने मुख्यमंत्री और नेताजी का नाम खराब किया। कैबिनेट मंत्री, महिलाओं पर हमले कराए। बच्चों और जिला पंचायत सदस्यों से बदतमीजी की। अतुल ने पूरी गुंडई की। मैं और मेरा परिवार हमेशा गुंडागर्दी के खिलाफ रहा है। नवाजिश यह भी बोले कि जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने पति के चुनाव क्षेत्र सरधना में ही सारे विकास कार्य कराए, जबकि उनके और अन्य जिला पंचायत सदस्यों के क्षेत्र में एक रुपये का भी विकास कार्य नहीं कराया गया। वह गलत आदमी का शुरू से विरोध करते हैं। नवाजिश ने कहा कि अध्यक्ष चुनाव में उन्होंने सीमा प्रधान नहीं, बल्कि सपा प्रत्याशी को वोट किया था, यदि अविश्वास आता है और सपा कोई प्रत्याशी उतारती है, तो वह उसी के साथ रहेंगे।
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वित्तीय अधिकार होने चाहिए सीज
बैठक में तमाम सदस्यों ने वित्तीय अनियमितताओं के भी आरोप लगाए। जिला पंचायत सदस्यों ने कहा कि 22 करोड़ के विकास कार्य अग्रिम करा लिये गये हैं, जिनका पैसा भी अवमुक्त नहीं हुआ। इसका कमीशन भी जिला पंचायत अध्यक्ष खा गईं। अब ठेकेदारों का पैसा फंस गया है। इससे बड़ी वित्तीय अनियमितता नहीं हो सकती है। तमाम प्रस्ताव बिना बैठक के ही स्वीकृत कर दिए गए। सबसे पहले वित्तीय अधिकार सीज होने चाहिए।

बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह, नवाजिश मंजूर, रविंद्र टीकरी, विपिन, बबीता भड़ाना, दिलशाद सठला, नितिन खटीक, डॉ. मीनाक्षी भराला, ठा. सतपाल सिंह, अनुज वाल्मीकि, ठा. दिनेश चौहान, ललित चौहान, प्रदीप हुड्डा, ठा. विनोद सोम, बबीता, तनु, शमशाद, हेमलता, शफीक, विनोद आदि के साथ ही फोन पर रोहताश पहलवान, विक्की तनेजा आदि ने समर्थन दिया। मुखिया गुर्जर, मुजफ्फरनगर के जिला पंचायत सदस्य नितिन मलिक भी मौजूद रहे।
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