स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों और अधिकारियों को अटैचमेंट करने का खेल अब जल्द ही खत्म हो जाएगा। मुख्यालय स्तर से अपर निदेशक से लेकर सभी जिलों के सीएमओ से जवाब तलब किया गया है। 14 मार्च को निदेशक संचारी रोग ने सभी जिलों को पत्र लिखकर एक प्रारूप पर सूचना तत्काल मुख्यालय को देने के लिए कहा है।
प्रारूप में संबद्ध किए गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों का पूरा ब्योरा मांगा गया है। जिसमें उनका पदनाम, संबद्धता का स्थान, वेतन जारी किये जाने की स्थिति, किस आदेश के तहत संबद्ध किए गए शामिल हैं। इसके अलावा संबद्ध किए जाने के आदेश की क्रमांक संख्या और तिथि का ब्योरा भी मांगा गया है। ऐसे में जिले में तैनात स्वास्थ्य विभाग के सीनियर अधिकारियों में खलबली है। क्योंकि मेरठ में सीएमओ आवास से लेकर कार्यालय के अंदर बड़ा स्टाफ संबद्ध (अटैचमेंट) करके रखा गया है। यहां तक की सीएमओ का अर्दली भी जिला मलेरिया विभाग का कर्मचारी है। इसके अतिरिक्त मलेरिया विभाग के काफी कर्मचारी भी संबद्ध किए गए हैं।
बता दें कि बीते दो सालों के दौरान प्रदेश में डेंगू व चिकनगु्निया का प्रकोप फैला था। वहीं मलेरिया विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ ही नहीं था, क्योंकि बड़ी संख्या में स्टाफ साहब के आवासों व निजी कामों में लगा था। ऐसे में मलेरिया विभाग सिर्फ रस्म अदायगी के लिए दवा का छिड़काव व फॉगिंग करता हुआ नजर आया। उधर, जिला मलेरिया अधिकारी विशाल सारस्वत भी यह कहते रहे कि विभाग के पास स्टाफ की बड़ी कमी है।