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Meerut News: हथियारों की तस्करी और गोलीबारी पर अंकुश के लिए रेंज में ऑपरेशन शस्त्र शुरू

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- डीआईजी ने रेंज के कप्तानों को नई व्यवस्था लागू कराने के दिए निर्देश
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। हथियारों की बड़ी खेप लगातार पकड़े जाने पर डीआईजी कलानिधि नैथानी ने रेंज में चार साल पुराने शासनादेश का सख्ती से पालन कराने के लिए ऑपरेशन शस्त्र शुरु करने का निर्णय लिया है। लाइसेंसी हथियारों के कारतूसों की बिक्री और आए दिन होने वाली गोलीबारी को लेकर निर्देश जारी किए हैं। डीआईजी का कहना है कि इससे हथियारों की तस्करी पर अंकुश लगेगा और गोलीबारी की घटनाएं भी कम होंगी। सभी कप्तानों को तत्काल नई व्यवस्था लागू कराने के निर्देश दिए हैं।

जांच के बाद ही जारी होंगे लाइसेंसी हथियारों के कारतूस
लाइसेंस हथियारों के कारतूस जारी कराने के लिए शस्त्रधारक को पूर्व में लिए गए कारतूसों की खपत का पूरा ब्योरा देना होगा। एसडीएम/सीओ की प्रारंभिक जांच के बाद ही नए कारतूस जारी किए जाएंगे। कारतूसों की बिक्री पर सशर्त प्रतिबंध लगाया जाएगा। नए स्वीकृत लाइसेंस पर भी सीमित संख्या में कारतूस मिलेंगे।
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खिलाड़ियों को जमा करने होंगे 90 प्रतिशत खोखे
खिलाडियों को अधिक संख्या में कारतूस जारी होते हैं। इसलिए उनके खोखे जमा करने के संबंध में 80 प्रतिशत के स्थान पर 90 प्रतिशत की शर्त रखी जाएगी। पिछले वर्षों में शस्त्र लाइसेंस पर कितने कारतूसों की बिक्री हुई और उनका क्या उपयोग हुआ, इसकी जांच कराई जाएगी।
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प्रत्येक गोलीकांड में 5 लोगों का रखा जाएगा हिसाब
गोलीबारी की घटना होने पर इसमें 5 लोगों का हिसाब रखा जाएगा। गोली किसने चलाई, असलाह किसने दिया और किसके नाम है। हथियार अवैध है तो किससे खरीदा और कहां बना है। किसके घर या किस स्थान पर रखा जाता था, इसका ब्योरा पुलिस जुटाएगी। गोलीबारी में घटनास्थल तक पहुंचने में किस वाहन का प्रयोग हुआ और उसका मालिक कौन है। वाहन में मुख्य आरोपी के साथ कौन था, इसकी जानकारी भी पुलिस करेगी।
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घटनाओं की विवेचना में ये भी होगा
अपना लाइसेंसी असलाह दूसरे को प्रदर्शन या प्रयोग के लिए देने पर लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन की धारा 30 आयुध अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। असलाह लाइसेंसी है तो शस्त्र निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी। शस्त्र स्वामी के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गोलीकांड जैसे आपराधिक षडयंत्र में शामिल पारिवारिक सदस्यों व मित्रों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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आम लोग इन बातों का रखें ध्यान
सोशल मीडिया पर अस्त्र/शस्त्र का प्रर्दशन न करें। अवैध असलाह वालों से दूरी बनाए रखें। ऐसे व्यक्तियों को अपना मकान व वाहन प्रयोग न करने दें। गोलीकांड में संलिप्त अपराधियों को शरण देने वाले, अपने घर पर असलाह छिपाने वाले, लाइसेंसी असलाह दूसरे के हाथ में देने वालों व उनकी मदद करने पर बीएनएस की धारा 249, 3(5), 61(2) के अंतर्गत कार्रवाई होगी।
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