कोरोना काल में मेडिकल कॉलेज की ओपीडी।
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना संक्रमण की शुरुआत होने के बाद से लोग इलाज के लिए अस्पताल जाने से गुरेज कर रहे हैं। कोरोना के पहले की तुलना में मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या करीब 70 फीसदी घट गई है। छोटी-मोटी बीमारी के लिए लोग घरेलू उपचार कर रहे हैं या फोन पर ही डॉक्टरों से परामर्श ले रहे हैं।
कोरोना संक्रमण से पहले सामान्य दिनों में मेडिकल अस्पताल में औसतन 2500 मरीज पहुंचते थे। सालभर में इनकी संख्या नौ लाख पार जाती थी। लॉकडाउन के बाद से यह संख्या घट गई है। कुछ समय पहले तक तो 200 से 300 मरीज ही आ रहे थे।
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आंकड़ों के अनुसार, अब सोमवार को भी मरीजों की भीड़ नहीं लग रही है। पहले सोमवार को 3500 से 4000 तक संख्या पहुंच जाती थी। अब 650 के आसपास ही रहती है। मेडिकल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान ने बताया कि कोरोना के साथ- साथ इस मौसम में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों के अलावा वायरल बुखार के मामले भी बढ़ सकते हैं। ऐसे में सावधानी जरूरी है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को इलाज के साथ- साथ यह सलाह भी दी जा रही है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या
21 अगस्त - 382
22 अगस्त - 230
23 अगस्त - 398
24 अगस्त - 652
25 अगस्त - 527
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