निकाय चुनाव के सरधना अंतर्गत वर्ष 1952 से 1975 तक नगर पंचायत के रूप में गठित थी। जनवरी 1975 में नगर पालिका के रूप में सरधना को प्रोन्नत किया गया। नगर पालिका सरधना के 70 साल के सफर में केवल चार बार ही महिला के हाथों में पालिका की बागडोर आई। वहीं, आरक्षण व्यवस्था के चलते 2023 में फिर से पालिका की बागडोर ओबीसी महिला के हाथ में होगी।
सरधना नगर पालिका में सर्वप्रथम बदर जमाल शाह, उसके बाद राजलक्ष्मी चेयरपर्सन रही। इसे बाद वर्ष 2008 व 2017 में सबीला अंसारी के हाथों में नगर पालिका की कमान रही। इन तीन महिलाओं के अलावा अन्य किसी महिला को चेयरपर्सन बनने का मौका नहीं मिला है।
इस बार भी पिछला आरक्षण ही दोहराया गया है जिस कारण सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित होने पर पांचवीं बार किसी महिला के सिर अध्यक्ष का ताज बंधेगा। वहीं, इस बार सत्तारूढ पार्टी भाजपा पालिका पर कब्जा जमाने के लिए कुर्सी को पाने के लिए जुट गई है। इस बार करीब 55 हजार से अधिक मतदाता पांच साल के लिए नगर का भविष्य तय करेंगे।
निकाय वार्ड पोलिंग स्टेशन बूथ वोट
नगर पालिका सरधना 25 25 56 55333