डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते ग्रामीण
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यूपी के इस शहर में हर साल आंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाई जाती थी, लेकिन इस बार शोभायात्रा भी नहीं निकली। यहां तक जयंती में सिर्फ सात लोग ही जुटे, जानिए ऐसा क्यों?
ये बात मेरठ के थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र की है। डॉ. आंबेडकर जयंती पर जहां पल्हैड़ा में इस बार शोभायात्रा नहीं निकली, तो वहीं चर्चाओं में रहे शोभापुर गांव के पार्क में बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के लिए करीब सात लोग ही जुट पाए।
एससी एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर कंकरखेड़ा इलाके में 2 अप्रैल को हुए उपद्रव के बाद शोभापुर गांव में दलित युवक गोपी पुत्र ताराचंद की गोलियों बरसाकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें गांव के ही मनोज गुर्जर व उसके साथी नामजद हुए थे। तभी से गांव में तनाव के बीच आरएएफ और पीएसी डेरा डाले हुए है। बताया जाता है कि उपद्रव और गोपी हत्याकांड के विरोध में ग्रामीणों ने इस बार डॉ. आंबेडकर जयंती न मनाने का निर्णय लिया था। यह भी चर्चा रही कि गांव के दूसरे पक्ष के लोग 14 अप्रैल को तरह-तरह के आयोजनों की बात कर रहे थे। इसे लेकर भी दलित इस बात को लेकर डरे थे कि अगर कोई बवाल हुआ तो फिर से गांव में गिरफ्तारियों का दौर जारी हो जाएगा।