फिरोजपुर का महादेव मंदिर, जिस पर छत नहीं डाली जा सकी।
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बहसूमा। गंगा पुत्र पितामह भीष्म की प्राचीन नगरी बहसूमा व हस्तिनापुर और उसके आसपास की धरती स्वयं में ऐतिहासिक खजाना संजोये हैं। जिसमें से एक है दुर्वाषा ऋषि द्वारा स्थापित ऐतिहासिक फिरोजपुर महादेव मंदिर। जो कि आज भी बिना छत के है। हर शिवरात्रि यहां मेला लगता है।
बताया जाता है कि दुर्वाषा ऋषि ने इस महादेव मंदिर को स्थापित किया था। वे यहां तपस्या करते थे। महाभारत युद्ध के दौरान कुंती व गांधारी यहां अपने पुत्रों की विजयश्री का अशीर्वाद लेने आई थीं। वर्ष में दो बार यहां मेला लगता है। जहां शिवभक्त जलाभिषेक करते हैं। कई सौ सालों से सावन व फाल्गुन माह में यहां जलाभिषेक किया जाता है। इसी दौरान यहां विशाल कावड़ मेला लगता है। किंवदंति है कि मंदिर में आजतक छत नहीं पड़ पाई है। मंदिर के पुजारी धर्मपाल ने बताया कि छत डालने का कई बार प्रयास किया जा चुका है, लेकिन कुछ न कुछ अड़चन आ जाती है।