एआरटीओ लालाराम के बाद शहर में स्वाइन फ्लू का एक और संदिग्ध केस मिला है। पीड़ित शिक्षिका हैं और शहर के एक अस्पताल में भर्ती हैं। उसको टेमी फ्लू दवा दी जा रही है। इस सूचना पर सीएमओ ने उसके कंकरखेड़ा स्थित आवास पर एक टीम भेजी थी, जिसने परिजनों और आसपास के लोगों से बात की और मदद का आश्वासन दिया।
सीएमओ डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि 52 वर्षीय महिला को स्वाइन फ्लू होने का मामला प्रकाश में आया है। वह परिवार के साथ बद्रीनाथ की यात्रा पर गई थी। वहां से 18 मई को लौटीं। तबियत बिगड़ने पर 26 मई को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बृहस्पतिवार को इसकी सूचना सीएमओ कार्यालय पहुंची। इसके बाद से चिकित्सा विभाग की टीम मरीज और उसके परिवार केसंपर्क में हैं। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल से स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट मांगी गई है, हालांकि रिपोर्ट अभी मिली नहीं है। दूसरी तरफ, मेरठ के एआरटीओ लालाराम की हालत गंभीर बनी हुई है। उनका गंगाराम अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। उनमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इसकी रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय भी आ चुकी है। सीएमओ कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम की टीम उनके परिवार के संपर्क में है।
सीएमओ ने बताया कि अगर घर में कोई शख्स स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गया है तो घर के बाकी लोगों को इससे बचने के लिए डॉक्टरी सलाह लेकर खुद भी इसकी दवा (टेमीफ्लू) खानी चाहिए। स्वाइन फ्लू से बचाव ही इसे रोकने का बड़ा उपाय है। आराम करने, खूब पानी पीने के साथ शरीर में पानी की कमी नहीं होेने देनी चाहिए। बता दें कि स्वाइन फ्लू एनफ्लुएंजा यानी फ्लू वायरस के अपेक्षाकृत नए स्ट्रेन इनफ्लुएंजा वायरस ए से होने वाला इंफेक्शन है। इस वायरस को ही एच1 एन1 कहा जाता है। इसके इंफेक्शन ने 2009 और 2010 में महामारी का रूप ले लिया था। स्वाइन फ्लू के लक्षण भी सामान्य एन्फ्लूएंजा जैसे ही होते हैं।