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खौफ का एक घंटा: चश्मदीद पोती ने बयां किया मंजर, दादा की हत्या कर दादी को गोली मारी, मुझे रस्सी से बांध दिया

Fri, 11 Aug 2023 12:29 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के ब्रह्मपुरी में कारोबारी धनकुमार जैन की हत्या के बाद शुक्रवार तड़के करीब चार बजे उनकी पत्नी अंजू की भी मौत हो गई। वहीं पोती अंशिका ने खौफ का वह एक घंटा अपनी आंखों से देखा। उसने पुलिस के सामने वारदात की पूरी कहानी बयान की।
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दंपती की हत्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के किशनपुरी में स्पोर्ट्स कारोबारी धनकुमार जैन की हत्या को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया गया। करीब सवा सात बजे कारोबारी का बड़ा बेटा नवीन पत्नी स्वाति के साथ बेटे को स्कूल छोड़ने निकलते हैं। 

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15 मिनट बाद ही साढ़े सात बजे बदमाश मकान में घुस जाते हैं। दोनों बदमाशों के पास हथियार थे। बंधक बनाने के लिए रस्सी साथ लेकर पहुंचे थे। वारदात को अंजाम देने के बाद करीब 8:35 बजे बाहर निकल जाते है। इतनी समयबद्ध योजना के चलते पुलिस को भी वारदात में किसी नजदीकी के शामिल होने का अंदेशा है। अभी तक हुई पुलिस की जांच में सामने आया है कि कारोबारी ने बदमाशों को पहचान लिया था। भेद खुलने के डर से कारोबारी को मौत के घाट उतार दिया। 

बेडरूम। - फोटो : अमर उजाला
बदमाशों को पता था घर के किस कमरे की किस अलमारी में कैश या आभूषण हैं। इसलिए बदमाशों ने परिवार के अन्य सदस्यों को बंधक बनाने के बाद कारोबारी को उनके कमरे में घुसते ही गोली मारी। पेट में गोली लगने के बाद धनकुमार तड़पते हुए बदमाशों से कहते रहे कि जो लूटकर ले जाना है ले जाओ, लेकिन परिवार के किसी और सदस्य को गोली मत मारना। लेकिन बेरहम बदमाशों ने पत्नी अंजू को भी गोली मार दी। बताया जा रहा है कि दोनों बदमाश हेलमेट लगाकर बाइक पर आए थे। हालांकि सीसीटीवी फुटेज में वह पैदल दिखाई दे रहे हैं। वारदात के वक्त अंजू मंदिर जाने की तैयारी में थीं।

जांच करने पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
वारदात की कहानी, पीड़ित परिवार की जुबानी 
सुबह करीब 7:30 बजे का समय होगा। मैं अपने कमरे में थी, तभी पास वाले कमरे से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। मैं भागकर दूसरे कमरे में पहुंची। वहां पर दोनों बदमाश खड़े थे। दोनों ने मुझे गन प्वाइंट पर ले लिया। इसके बाद हाथ-पैर रस्सी से बांधकर मुझे मेरे कमरे में बंद कर दिया। काफी देर बाद किसी तरह मैंने अपने हाथ खोले और मोबाइल से मम्मी को फोन किया। - अंशिका, कारोबारी की पोती 
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जांच करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
मैं अपने पति अभिषेक और बेटे के साथ नार्वे में रहती हूं। हम साल भर में एक बार कुछ महीनों के लिए घर पर छुट्टी आते हैं। हमें 18 अगस्त को वापस लौटना है। फिलहाल मैं अपने बेटे के साथ मायके गई थी, तभी सुबह के समय फोन आया कि ससुराल में यह वारदात हो गई है। बदमाश कौन थे और क्यों घटना की कुछ नहीं पता। हमारे परिवार में किसी का कोई विवाद नहीं है। - प्रियंका, अभिषेक की पत्नी 
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