नईम की हालत गंभीर होने के कारण उसे मेरठ के लिये रैफर कर दिया गया। जहां कुछ समय बाद ही नईम ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उधर दोनों घायलों का उपचार चल रहा है। वहीं परिजनों ने पुलिस से कार्रवाई करने से भी इंकार कर दिया तथा बुधवार को गांव में ही शव को सुपुर्दे खाक कर दिया।
पिता के अरमान रह गये अधूरे
पिता जफर पुत्र खुर्शेद के अनुसार कोई पैत्रक कृषि भूमि न होने के कारण वह साइकिल रिपेयरिंग का काम ही करता है। उसी के सहारे परिवार का पालन पोषण कर रहा है। बड़ा बेटा जो कि शादी शुदा है तथा दिल्ली के एक प्राइवेट कपंनी में नौकरी करता है। मंझला बेटा स्नाक की पढ़ाई करने के साथ साथ अपने पिता के कार्य में भी हाथ बटाता है।
वहीं सबसे छोटा बेटा नईम जिसमें कि इसी सत्र में इंटर की परीक्षा दी थी तथा वह पुलिस व फोर्स की तैयारी के लिये फिजिकल की तैयारी कर रहा था। लेकिन हादसे में बेटे की मौत के बाद सभी अरमान अधूरे रहे गए।
इस मामले में पुलिस को कोई सूचना नहीं दी है और न ही इस मामले में कोई तहरीर दी है। हांलाकि हादसे की सूचना पर बाद में एक दरोगा अस्पताल जरुर गये थे। -अलोक कुममार सिंह, सीओ किठौर।