हर रविवार को स्वास्थ्य केंद्रों (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और अर्बन हेल्थ सेंटर) पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेला लगाया जाता है। इसमें ओपीडी के अलावा टीबी, मलेरिया, कोरोना की जांच और आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड भी वितरित किए जाते हैं। इनके अलावा कुपोषित बच्चों का भी चिन्हीकरण किया जाता है।
नोडल अधिकारी डॉ. एसके शर्मा ने बताया कि सबसे ज्यादा मरीज त्वचा और पेट रोग के आए हैं। ध्यान न देने के कारण त्वचा रूखी और बीमार हो जाती है। वहीं, गलत खानपान पेट रोग बढ़ने का कारण है। मेले को लगाने का उद्देश्य यही है कि छुट्टी के दिन भी ज्यादा से ज्यादा मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिले। इसमें सफलता भी मिल रही है।
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ऊर्जा भवन के नौ कर्मचारी चपेट में
पीवीवीएनएल के ऊर्जा भवन में 9 कर्मचारियों को कोरोना हो चुका है। इनमें से कई के परिवार भी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक रोहित कुमार ने कंपनी एमडी से ऊर्जा भवन को सैनिटाइज कराकर 72 घंटे के लिए बंद करने की गुहार लगाई है। रोहित कुमार ने बताया कि ऊर्जा भवन में कार्यरत इंजीनियरों के अलावा फील्ड में तैनात कई अभियंता और कर्मचारी भी कारोना की चपेट में आ चुके हैं।
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