बरसात से पहले नगर निगम साफ कराता है तालाब, धरातल पर नहीं हुए
अब जल बचाओ योजना के तहत पहले साफ हुए तालाबों पर दो करोड़ खर्च करने की तैयारी
मेरठ। नगर निगम में तालाबों की सफाई के नाम पर घोटाला करने की तैयारी है। बारिश से पहले एक बार तालाबों को कागजों में साफ कर दिया गया है, अब उन्हीं तालाबों को फिर से साफ करने के लिए दो करोड़ रुपये का बजट बनाया जा रहा है। निगम अधिकारियों ने पहले साफ किए सात तालाबों का चयन भी कर लिया है। बैठक में इस प्रस्ताव को पास कराने की तैयारी है।
सरकारी अभिलेखों के अनुसार महानगर में 45 से अधिक तालाब हैं। जिनके जीर्णोद्धार के लिए सरकार प्रतिवर्ष बरसात से पहले कार्य योजना भेजती है। निगम प्रत्येक वर्ष तालाबों की खोदाई करके औपचारिकता निभाता रहा है। इस बार भी तालाबों की सफाई के नाम पर लाखों रुपये का तेल फूंक दिया गया है, जबकि हकीकत में तालाब साफ हुए ही नहीं हैं। अब निगम ने जल बचाओ योजना के तहत महानगर के सात तालाबों का जीर्णोद्धार करने का निर्णय लिया है। निगम 14वें वित्त खजाने से तालाबों की खोदाई चारदीवारी, तालाब में पानी भरने के लिए ट्यूबवेल लगवाएगा। इसी सप्ताह 14वें वित्त आयोग के खजाने से होने वाले कार्य के प्रस्तावों पर मुहर लगाने के लिए महापौर सुनीता वर्मा बैठक बुला सकती हैं। संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि शहर के मलियाना, दांतल जिटौली, काशी, अच्छरोंडा, गोलाबड़, सरायकाजी और अब्दुल्लापुर के तालाब का चयन किया गया है। प्रस्ताव बनाकर बैठक में रखे जाने हैं। तालाबों का सत्यापन करा लिया गया है।