EXCLUSIVE : खाकी की सरपरस्ती में तेल चोरी का बड़ा खेल
Thu, 15 Jun 2017 07:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ/अमित मुदगल/ मनु चौधरी
सार
ऑयल डिपो से आने वाले टैंकरों से निकाला जाता है पेट्रोल डीजल, गांव पुट्ठा में डिपो के आसपास बना रखे हैं चारदीवारी केभीतर अवैध सेंटर, थाना परतापुर की फैंटम लगातार रहती है सरपरस्ती में, सड़क किनारे टैंकर खड़ा कर मिनटों में तेल साफ
मेरठ में परतापुर क्षेत्र स्थित ऑयल कंपनियों के बड़े डिपो से निकलने वाले टैंकरों में से जबरदस्त तेल चोरी का खेल चल रहा है। गांव में कई ऐसे ठिकाने बने हैं जहां भरे टैंकर भीतर जाते हैं और वहां तेल चोरी होता है। अमर उजाला की टीम ने इन्हीं ठिकानों पर पहुंचकर पूरे खेल का खुलासा किया। तेल चोरी का ये धंधा थाना परतापुर पुलिस की सरपरस्ती में चल है। बाकायदा थाने की फैंटम तेल माफिया के संरक्षण में रहती है। तेल निकालने वाले ठिकानों की सुरक्षा इसी फैंटम के हवाले है।
विज्ञापन
दोपहर 12 बजे से शुरू हो जाता है यह खेल
घेर में खड़ा टैंकर और फैंटम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला की टीम ने इस खेल को लगातार वॉच किया। दोपहर को लगभग12 बजे से यह खेल शुरू हो जाता है। परतापुर के गांव पुट्ठा में इंडियन ऑयल और एचपी कंपनी के बडे़ ऑयल डिपो हैं। यहां से ऑयल से भरे टैंकर निकले तो टीम ने इनका पीछा किया। पुट्ठा गांव के पास तेल से भर टैंकर कोसड़क के किनारे रोक दिया गया। मिनटों में ही बाइकों पर तेल के ड्रम लेकर युवक पहुंचे और तेल निकाला गया। एक बाइक चालक ने तीन चक्कर लगाए और हर बार यह ड्रम भरकर ले गया। शाम तक जितने भी टैंकर आए, सबके साथ यही क्रम दोहराया गया।
कई अन्य गाड़ियां भीतर हो गई कैद
आसपास ही बडे़ बडे़ गेट लगाकर तेल चोरी करने के ठिकाने बनाए गए हैं। टैंकर इन ठिकानों पर आए तो अंदर ले जाकर तेल चोरी कर लिया गया। अमर उजाला टीम ने दो सेंटरों के भीतर जाकर भी तेल चोरी के खेल को अपने कैमरे में कैद किया। एक एक सेंटर पर कई कई युवक बैठे थे और जमकर तेल निकाला जा रहा था। तेल निकालने के बाद बड़ी सफाई से साल्वेंट जैसा कोई केमिकल टैंकर में मिला दिया गया।
पत्थर लेकर दौड़ा माफिया, फैंटम आई पीछे
पत्थर लेकर दौड़ा युवक
वेदव्यासपुरी से ऑयल डिपो की तरफ जा रहे मुख्य मार्ग पर एक बड़ी चारदीवारी में तेल से भरा टैंकर घुसा। अमर उजाला का कैमरा चमका तो यहां गेट पर तैनात तेल माफिया के गुर्गों ने यह देख लिया और वह पत्थर बरसाता हुआ टीम के पीछे दौड़ा। इतना ही नहीं, उसने स्कार्पियो में सवार होकर टीम का पीछा किया। उसकी सूचना पर पलक झपकते ही पहले से ही आसपास मौजूद परतापुर थाने की फैंटम पर सवार कांस्टेबल भंवर सिंह और होमगार्ड ओमबीर ने टीम को आकर रोक लिया और पूछा कि कैसे फोटो खींचे। तब तक स्कार्पियो सवार युवक भी आ गया और विरोध जताया। बाद में फैंटम पुलिस कर्मियों को पता चला कि टीम अमर उजाला की है तो गांव में इस तरह ना आने की सलाह दे डाली।
खुला पुलिस का खेल
मौके पर पहुंची फैंटम
इस फैंटम का सच जानने को टीम ने फिर अगले दिन भी काम किया तो यही फैंटम तेल चोरी करने वाले दूसरे ठिकाने पर भी मौजूद मिली। इस बार भी टीम यहां पहुंची तो दोनों फैंटम पर तैनात कर्मी सकपका गए। दरअसल यह फैंटम इस पूरे धंधे में माफियाओं को संरक्षण देने की भूमिका में काम कर रही है। जब तक यह खेल चलता है फैंटम सारे ठिकानों पर घूमकर जायजा लेती है कि तेल चोरी में कहीं कोई परेशानी तो नहीं हो रही है।
इसी धंधे से जुड़े लोगों ने बताया कि यह खेल ऊपर से नीचे तक का है। ऑयल डिपो से ही टैंकरों में ज्यादा ऑयल डालकर भेजा जाता है। उसके बाद गाड़ी चालक इसे यहां बेचते हैं और फिर जितना ऑयल कम होता है उसमें साल्वेंट आदि की मिलावट कर उसे पूरा कर दिया जाता है। तेल माफिया भी इस तेल को सस्ती दर पर खरीदते हैं। इसके बाद वह भी इसमें मिलावट बेचते हैं और डबल मुनाफा कमा रहे हैं। चोरी से निकाले गए डीजल की आपूर्ति तो कई फैक्ट्रियों में जनरेटर के लिए की जाती है और पेट्रोल भी कई स्थायी ग्राहकों के साथ साथ गांवों में बेचने के लिए रखवा दिया जाता है।