पेट्रोल पंप पर छापामारी का मामला।
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मेरठ में तेल के खेल में परतापुर, इंचौली व हस्तिनापुर थाने में लिखे गए मुकदमों में पुलिस द्वारा बढ़ी धारा (धोखाधड़ी और आईटी एक्ट) कोर्ट ने गुरुवार को मंजूर कर ली है। आरोपियों का रिमांड बनाया गया है, लेकिन ब्रह्मपुरी वाले मुकदमे में बढ़ी धारा के मामले में कोर्ट ने 21 नवंबर सुनवाई के लिए तारीख दी है।
एसटीएफ ने तीन नवंबर को नायरा कंपनी के मेरठ में चार और बागपत में एक पेट्रोल पंप पर मिलावट का खेल पकड़ा था। इस मामले में परतापुर, ब्रह्मपुरी, इंचौली, हस्तिनापुर और बागपत के सिंधावली अहीर थाने में 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पंप मालिक अवनीश गोयल, राकेश गुप्ता, ऐश्वर्य गुप्ता समेत सात लोगों को पुलिस जेल भेज चुकी है। क्षेत्रीय प्रबंधक सुशांत मिश्रा समेत आठ आरोपी फरार हैं।
मेरठ पुलिस ने आरोपियों पर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धारा बढ़ाने के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई हुई थी। गुरुवार को एसीजेएम-1 की कोर्ट ने आरोपियों को जेल से तलब किया था। अभियोजन और आरोपी पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें कोर्ट ने सुनीं। इसके बाद पुलिस द्वारा बढ़ी धारा में रिमांड मंजूर कर दिया। वहीं, ब्रह्मपुरी थाने वाले मुकदमे में सुनवाई के लिए 21 नवंबर तारीख लगवा दी।
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बताया गया कि ब्रह्मपुरी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किए थे। पेट्रोल पंपों पर मिलावट के मामले में पुलिस की विवेचना को लेकर शुरू से ही सवाल उठ रहे हैं। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना है कि आरोपियों पर बढ़ी धारा में रिमांड मंजूर हो गया है।
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