शामली नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल के खिलाफ एडीजे कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी हुआ है। कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तार कर शनिवार को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
वर्ष 2015 में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी अमिता वरुण ने अनुसूचित जाति जनजाति आयोग को शिकायत भेजकर चेयरमैन अरविंद संगल पर गंभीर आरोप लगाए थे। प्रकरण की जांच तत्कालीन एडीण्म भरत पांडेय को सौंपी गई थी। एडीएम ने जांच पूरी करके चेयरमैन पर लगे आरोपों की पुष्टि करते हुए कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी थी, लेकिन बाद में इसकी जांच तत्कालीन सीडीओ वीके सिंह को सौंप दी गई।
उन्होंने भी एडीएम की जांच को सही मानते हुए अमिता वरुण के आरोपों को सही बताया था। जिसके बाद शहर कोतवाली में अरविंद संगल के खिलाफ एससी एसटी एक्ट की धारा 3/1/13, सरकारी कार्य में बाधा डालने और बदनीयती से घर बुलाने के आरोप पर छेड़छाड़ की धारा 354 ए और 354डी के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
इस मामले में अरविंद संगल ने हाई कोर्ट की शरण ली थी। जहां से उनकी गिरफ्तारी पर कोर्ट ने स्टे दे दिया था। स्टे की छह माह की अवधि समाप्त होने के बाद अब अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश (रेप एंड पॉक्सो) ने अरविंद संगल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। कोतवाली पुलिस का कहना है कि गैर जमानती वारंट जारी हुए हैं। अरविंद संगल को तलाश किया जा रहा है।
पूर्व चेयरमैन ने बताया साजिश
पूर्व चेयरमैन अरविंद संगल ने कहा कि उन्हें वारंट जारी होने की जानकारी नहीं है। उनके खिलाफ सपा सरकार में राजनीतिक साजिश के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब भी कुछ लोग चाहते हैं कि वह नगर पालिका का चुनाव न लड़ पाऊं। स्टे बढ़ाने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दी गई है। जिसमें 21 नवंबर को सुनवाई होनी है।