रोहटा। थाना रोहटा में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस औपचारिकता बनकर रह गया। तहसील प्रशासन से कोई भी उच्च अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके चलते ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो सका।
सुबह से ही थाना परिसर में डूंगर, चिंदौड़ी, रोहटा, माजरा, रसूलपुर मढ़ी सहित कई गांवों के ग्रामीण अपने-अपने राजस्व एवं पारिवारिक विवादों से संबंधित प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे थे। किसी ने भूमि विवाद तो किसी ने बिजली-पानी या पारिवारिक झगड़ों से जुड़ी शिकायतें दीं।
ग्रामीणों ने बताया कि वह उम्मीद लेकर आए थे कि समाधान दिवस पर उनकी समस्याओं की सुनवाई होगी लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। अंततः फरियादी निराश होकर लौट गए। थाने के स्टाफ ने ग्रामीणों से आवेदन तो ले लिए, लेकिन समाधान का भरोसा नहीं दिला सके। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि अधिकारी ही उपस्थित नहीं होंगे तो समाधान दिवस का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अगली बार अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर जनता की समस्याएं सुनें और उनका त्वरित निस्तारण करें।
थानाध्यक्ष अनुराग सिंह का कहना है कि अधिकांश शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित थीं। टीम के न पहुंचने के कारण उनका निस्तारण नहीं हो सका। थाना स्तर की सभी शिकायतों का तत्काल निपटारा किया गया।