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अधिकारियों की मनमानी, जलाशय तक नहीं पहुंचा पानी

Sat, 11 May 2019 03:33 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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जलाश्य - फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम द्वारा सरकार की ज्यादातर योजनाओं का लाभ शहर की जनता को नहीं मिल रहा है। जेएनएनयूआरएम योजना के तहत गंगाजल परियोजना पूरी तरह परवान नहीं चढ़ सकी है। करोड़ों रुपये खर्च कर शहर के ज्यादातर इलाकों में पानी की पाइप लाइन बिछने, भूमिगत जलाशय बनने और ट्यूबवेल लगवाने के बाद भी लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। शिकायत के बाद भी अधिकारी समाधान कराने के लिए तैयार नहीं है।
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 सरकार ने जेएनएनयूआरएम योजना के तहत शहर में 350 करोड़ रुपये की गंगाजल परियोजना लागू की थी। इसके तहत भोला झाल से गंगाजल की पाइप लाइन डाल गई थी। घंटाघर टाउन हॉल, शर्मा स्मारक, सर्किट हाउस और विकासपुरी के जलाशयों तक गंगाजल पहुंचाया गया। इन जलाशयों से जनता को पानी की आपूर्ति की जा रही है। लेकिन बाकी स्थानों पर बना गए ट्यूबवेल, भूमिगत जलाशय और ओवरहेड टैंक अभी भी पानी के इंतजार में हैं। अधिकारियों ने कमीशन के खेल में ट्यूबवेल, पाइप लाइन, भूमिगत जलाशय और ओवरहेड टैंक तो बना दिए, लेकिन उनका संचालन अभी तक नहीं कराया जा रहा है। इस कारण शहर की बड़ी आबादी को समय पर पानी नहीं मिल रहा है।

यहां बने हैं जल संसाधन
- बच्चा पार्क पर भूमिगत जलाशय बनाया गया। इसे चौराहा से गुजर रही गंगाजल पाइप लाइन से अभी तक नहीं जोड़ा गया है। इस कारण पूरे इलाके को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। लाखों रुपये खर्च होने का फायदा शहर की जनता को नहीं मिल पाया है। बताया जा रहा है कि जलाशय को गंगाजल पाइप लाइन से जोड़ने के लिए 57 लाख रुपये की जरूरत है।
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- गोलाकुआं पर जल निगम ने भूमिगत जलाशय बनाया। इसको अभी तक न तो मुख्य पाइप लाइन से जोड़ा गया है और न ही ट्यूबवेल से। सरकारी खजाने से लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। जनता पानी को तरस रही है। जल निगम और जलकल विभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं। सरकारी योजनाओं को पलीता लगाया जा रहा है। जलाशय को चालू करने पर अभी जल निगम विचार भी नहीं कर रहा है।

- नौचंदी मैदान परिसर में जल निगम ने भूमिगत जलाशय और ओवरहेड टैंक भी बनाया हुआ है। इसका मुख्य उद्देश्य हापुड़ रोड और नौचंदी क्षेत्र की बड़ी आबादी को पर्याप्त पानी देना था। यह हाल तब है जब इसेे लेकर कई बार निगम की बोर्ड बैठकों में भी पार्षद हंगामा कर चुके हैं। पिछले साल नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान ने निरीक्षण करते समय जल निगम और जलकल विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई थी। जलाशय और पानी की टंकी को चालू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

- शास्त्रीनगर सेक्टर 12 में भूमिगत जलाशय बनाया गया है। इसमें भी पानी का इंतजार है। न तो इस जलाशय को ट्यूबवेल से ही जोड़ा जा रहा है और न ही गंगाजल पाइप लाइन से। लाखों रुपये खर्च होने का कोई फायदा जनता को नहीं मिला है।

- विकासपुरी जलाशय को गंगाजल पाइप लाइन से तो जोड़ा गया है, लेकिन जलाशय से निकल रही पाइप लाइन से क्षेत्र के बड़े इलाके की छोटी पाइप लाइन को नहीं जोड़ा है। इस कारण क्षेत्र की जनता को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।

- खड़ौली में जल निगम ने ट्यूबवेल बनाई थी। साथ ही डूडा द्वारा गांव में पाइप लाइन डलवाई गई थी। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी गांव की जनता को ट्यूबवेल से पाइप लाइन का पानी नहीं मिल रहा है।

धन की है कमी
हमारे पास धन नहीं है। नगर निगम को कई बार पत्र लिखा गया है। यदि धन मिल जाए तो हम सभी भूमिगत और ओवरहेड टैंकों को ट्यूबवेल और गंगाजल पाइप लाइन से जोड़ देंगे। कुछ स्थानों पर पाइप लाइन डलनी बाकी है। -रमेश चंद्र, परियोजना प्रबंधक जल निगम
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