हाईवे के जानसठ फ्लाईओवर पर बृहस्पतिवार तड़के तेज स्पीड से कार अनियंत्रित होकर ट्रक के नीचे घुस गई। हादसे में कारोबारी चाचा-भतीजे समेत तीन की मौके पर ही मौत हो गई। मेरठ निवासी युवक रेडीमेड कारोबार के सिलसिले में देहरादून जा रहे थे। दुर्घटना में कार के परखचे उड़ गए। पुलिस ने तीनोंके शवों को कार से निकाला।
शहर कोतवाली थाने के सराय वहलीम निवासी दानिश (25) पुत्र इस्तियाक, भतीजे अमान (19), पुत्र परवेज अपने साथी फिरोज के साथ कार से मेरठ से देहरादून जा रहा था। दानिश रेडीमेड गारमेंट का काम करता था। तीनों देर रात कार से देहरादून के लिए चले थे। सुबह करीब 5.30 बजे कार जैसे ही मुजफ्फरनगर के जानसठ फ्लाईओवर के पास शिवशक्ति ट्रांसपोर्ट के सामने पहुंची, तभी वह रोड पर खड़े ट्रक के नीचे घुस गई। टक्कर से कार के परखचे उड़ गए। कार सवार तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों की सहायता से कार को काटकर तीनों के शव बाहर निकाले। इस दौरान दिन निकलते ही मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई।
जेब से मिले कागजातों से पता तस्दीक होने पर पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। दानिश के चाचा राशिद ने ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। हादसे के बाद मेरठ के लोगों की भारी भीड़ पूरे दिन कोतवाली के बाहर जुटी रही। एसपी सिटी ओमवीर ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटना की जानकारी ली।
नईमंडी कोतवाली के जानसठ फ्लाईओवर के पास कार दुर्घटना में तीन युवकों की मौत के मामले में कार तेज स्पीड पर थी। एसपी सिटी ओमवीर ने बताया कि दुर्घटना के बाद कार का मीटर 110 की स्पीड पर लॉक मिला है।
पल भर में छिन गई तीन परिवारों की खुशियां
तीनों परिवार ईद की तैयारियाें में लगे थे ,लेकिन हादसे के बाद घर में मातम छा गया। कोतवाली क्षेत्र निवासी सराय बहरीन दानिश पुत्र इश्तयाक (28) निवासी सराय बहलीन सब्जी वाली गली और उसकी फूफी का पौता अमान पुत्र परवेज (18) निवासी जाकिर कालोनी दोनो कपड़े का कारोबार करते हैं। परिजनों के अनुसार बृहस्पतिवार तड़के करीब साढे़ चार बजे नमाज पढ़कर दोनों किराए की कार लेकर निकल गए थे। कार को मोहसिन पुत्र शहाबुद्दीन निवासी न्यू ईस्लामनगर चला रहा था। दानिश के भाई आफताब के अनुसार पहले दानिश पूरे परिवार के साथ सराय बहरीन में ही रहता था, लेकिन तीन महीने पहले उसने अपनी मर्जी से एक युवती से शादी की। शादी के बाद वह दिल्ली रोड पर ईरा मॉल के पास किराए के मकान में रहने लगा। वो बाहर से कपड़ा लाकर सप्लाई करता था। पत्नी अफसा का रोकर बुरा हाल था। दानिश के छह भाई शमशाद, नौशाद, आफताब, रिजवान और राशिद हैं और इनमें वह सबसे छोटा है।
अमान के कंधे पर थी पूरे घर की जिम्मेदारी
जाकिर कालोनी निवासी अमान पुत्र परवेज अविवाहित है। परिवार में दो भाई और चार बहने हैं। दो की शादी हो चुकी है। अमान का छोटा भाई सुभान केवल 10 साल का है । पिता परवेज बीमार रहते हैं। घर की पूरी जिम्मेदारी अमान के कंधे पर ही थी। परिजनों के अनुसार दानिश ने ईद पर अपने भाई बहनों के लिए अच्छे कपड़े और सामान दिलाने का वादा किया था। लेकिन उसकी ये इच्छा पूरी नहीं हो सकी। उसकी मौत से पूरा परिवार बुरी तरह टूट गया है।
बच्चों को ईद की खरीददारी नहीं करा सका मोहसिन
गाड़ी चलाकर ले गया मोहसिन पुत्र शहाबुद्दीन की पत्नी आयशा गर्भवती है। तीन बच्चे अरशद (5) आफसा (4) और आहद (18 माह) है। इन सबकी जिम्मेदारी उसके कंधे पर थी। इसके अलावा परिवार में चार भाई हैं जिनमें तीसरे नंबर का वही है। सात बहनेें भी हैं। उसकी मौत से पूरा परिवार बुरी तरह टूट गया था। उसकी पत्नी का बुरा हाल था मासूम बच्चे भी गुमसुम और सहमे थे।