केस-दो
दोगुना मेहनताना दिया फिर भी मोटर खराब
दुपहिया व चार पहिया वाहनों के कलपुर्जे बनाने वाले विकास साहनी की इंडस्ट्रियल एरिया में फैक्ट्री है। उन्होंने बताया पहले तो अनुमति के लिए जूझते रहे। अनुमति मिली तो फैक्टरी में काम शुरू करने पहुंचे तो मोटर फुंक गई।
अचानक से लॉकडाउन हुआ तो मशीनों का मेंटेनेंस नहीं कर पाए। रखरखाव ढंग से नहीं हो पाया। जब दोबारा मशीनें चालू कर रहे हैं तो उनमें कई कमी निकल रही हैं। इसलिए मशीन की मोटर खराब हो गई। दो घंटे में मिस्त्री खोजा, उसने भी दोगुने पैसे लिए लेकिन काम नहीं बना।
केस-तीन
मिक्सर की फुंकी मोटर
मेजर ध्यानचंद नगर इंडस्ट्रियल एरिया में रबर प्रोडक्ट बनाने वाले उद्यमी अनिल पुंडीर फैक्टरी संचालन की अनुमति के बाद शुक्रवार को जब फैक्टरी पहुंचे तो सारा दिन लगाने के बाद भी कम शुरू नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि लॉकडाउन में मिक्सर बंद था, उसमें रबड़ जम गई है। मिक्सर चलाने का प्रयास किया तो मोटर फुंक गई। अब न तो नई मोटर आ सकती है, न इस मोटर को सुधार सकते हैं। मोटर मैकेनिक नहीं मिल रहे। बिना मिक्सर चलाए काम शुरू नहीं हो सकता।
केस-चार
जुगाड़ भी नहीं आया काम
वाहनों के सेल्फ और स्विच बनाने की फैक्टरी के संचालक विकास जैन की भी यही कहानी है। उन्होंने बताया कि मशीन में रबर की बेल्ट लगती है। इसी से मशीन का संचालन होता है। काम शुरू करने के लिए जब मशीन चलाई तो रबर टूट गई। भले ही 10 रुपये की रबर है, लेकिन पूरी मशीन उसी से चलती है। बाजार बंद है, रबर नहीं मिली। जुगाड़ से काम चलाने का सोचा, लेकिन वह भी फेल हो गया।