मेरठ। नर्सिंग के विद्यार्थियों का जीवन अन्य नागरिकों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है, वह अपने जीवन को दूसरों की सेवा और जीवन रक्षा के लिए समर्पित करते हैं। यह बात आईआईएमटी विश्वविद्यालय कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता ने मेडिकल कॉलेज ऑफ साइंसेज में आयोजित लैम्प लाइटिंग एवं शपथ ग्रहण समारोह में कही। उन्होंने मेडिकल स्टाफ को धरती का भगवान कहकर उनकी भूमिका का सम्मान किया।
योगेश मोहन गुप्ता ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल का स्मरण करते हुए उनके मानवीय समर्पण को नर्सिंग स्टाफ के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ को मेडिकल क्षेत्र की रीढ़ की हड्डी करार देते हुए कहा कि यह विचारणीय है कि पिछले 100 वर्षों में फ्लोरेंस नाइटिंगेल जैसी दूसरी महान शख्सियत क्यों नहीं उभर सकी। कुलाधिपति ने मानव जीवन को मूल्यवान बताते हुए कहा कि विभिन्न रोगों व आपातकालीन स्थिति में सर्वप्रथम नर्सिंग स्टाफ ही जीवन रक्षा का पहला प्रयास करता है।
कुलपति डॉ. दीपा शर्मा ने कहा कि लैंप लाइटिंग, जो फ्लोरेंस नाइटिंगेल की प्रेरणादायक विरासत को जीवंत करती है, समर्पण, सेवा, और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह समारोह हमें याद दिलाता है कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने का एक महान दायित्व है।
उप चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश राणा ने कहा कि यह दिन न केवल आपके प्रोफेशनल जीवन में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह आपके मानवीय और सेवा-भावना से परिपूर्ण जीवन का भी प्रतीक है। फ्लोरेंस नाइटिंगेल जैसी महान विभूतियों ने नर्सिंग को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का मार्ग बनाया। उनकी प्रेरणा हमें यह सिखाती है कि नर्सिंग केवल उपचार का कार्य नहीं, बल्कि एक दायित्व और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है।