फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नर्स अंजलि शर्मा हत्याकांड : स्कूटी पर शव लेकर निकले थे सूफियान और साजिदा, वीडियो वायरल

विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने मुख्यारोपी सूफियान को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा
विज्ञापन

माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मेडिकल कॉलेज की नर्स अंजलि शर्मा की हत्या के बाद उसका शव आरोपी सूफियान व उसकी बहन ने स्कूटी पर लेकर निकले थे। बाद में साजिदा हेलमेट लगाकर शव ई-रिक्शा से ले जाकर मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी गेट पर छोड़कर भाग गई थी। पुलिस ने सोमवार को सूफियान को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। साजिदा और वार्ड बाॅय जबर सिंह को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार सेक्टर-तीन की रहने वाली अंजलि शर्मा की शादी वर्ष 2018 में जागृति विहार सेक्टर-8 निवासी सनी के साथ हुई थी। दोनों का पांच साल का एक बेटा भी है। करीब एक वर्ष से अंजलि अपने भाई प्रदीप के पास रह रहीं थीं। अंजलि के भाई प्रदीप शर्मा ने आरोप लगाया था कि लिसाड़ी गेट निवासी पूर्व वार्ड बॉय सूफियान उसकी बहन अंजलि शर्मा पर धर्मपरिवर्तन व शादी का दबाव बना रहा था। उसे इस तरह की हरकत पर ही मेडिकल कॉलेज से हटा दिया गया था। अंजलि ने शादी से इन्कार कर दिया था। इस कारण सूफियान ने बृहस्पतिवार को अपनी बहन साजिदा के साथ मिलकर लोहिया नगर स्थित किराये के घर में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी।
विज्ञापन

इसके बाद साजिदा ने स्कूटी स्टार्ट की और सूफियान ने अंजलि शर्मा का शव उसकी स्कूटी पर रख दिया। आरोपी कुछ दूर तक शव लेकर गए। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी पहले शव एक निजी अस्तपाल लेकर गए थे। स्कूटी पर शव ले जाने का वीडियो वायरल हुआ है। इसके बाद उन्होंने एक ई-रिक्शा में अंजलि का शव रखवा दिया था। यहां से आरोपी सूफियान भाग गया था और साजिदा उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंची। वहां साजिदा की वार्ड बॉय जबर सिंह ने मदद की थी। जबर सिंह को सूफियान ने ही मदद के लिए कॉल की थी। इसके चलते पुलिस ने साजिदा व जबर सिंह को वारदात के बाद गिरफ्तार किया था। रविवार को सूफियान को जागृति विहार एक्सटेंशन से गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। उसने बताया कि उसने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया था।
विज्ञापन


सीओ सिविल लाइन शुचिता सिंह ने बताया कि सोमवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस मामले में किसी अन्य की अभी तक की जांच में संलिप्तता नहीं पाई गई। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें