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अब भगवान के साथ रथ पर बैठेंगे पुजारी और समिति सदस्य

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मेरठ..कंवलजीत..सदर बिलेश्वर नाथ मंदिर में समितियों के जगन्नाथ यात्रा में तकरार को लेकर हुए विवा
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मेरठ। सदर स्थित रामायणकालीन महा बिश्वेश्वरनाथ स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से शुक्रवार को निकाली जाने वाली परंपरागत यात्रा की अनुमति एडीएम ने भगवान जगन्नाथ यात्रा सेवा ट्रस्ट के विजय गोयल विज्जी पक्ष को दे दी। अनुमति के बाद दोनों पक्षों में विवाद गहरा गया। मंदिर में ताले लगाने का आरोप लगाते हुए विजय गोयल पक्ष ने सीओ सदर और एसीएम सदर से शिकायत की। मंदिर परिसर में दोनों पक्षों से बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। कई घंटे तक चले हंगामे के बाद तय हुआ कि अब दोनों पक्ष साथ मिलकर यात्रा निकालेंगे। पवन गर्ग ने बताया कि रथ पर भगवान के साथ मंदिर के पुजारी गणेश दत्त शर्मा, विष्णु दत्त शर्मा और रथयात्रा आयोजन समिति से विजय गोयल और राजेंद्र वर्मा बैठेंगे।
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यह दूसरी बार है जब जगन्नाथ यात्रा के आयोजन से पूर्व पुजारी पक्ष और रथयात्रा आयोजन समिति आमने-सामने आ गई। हंगामा बढ़ने पर सीओ संतोष सिंह और एसीएम रश्मि ने दोनों पक्षों से दो-दो लोगों को बातचीत के लिए बुलाया। पुजारी पक्ष से संजीव ठाकुर और राशि ने अपना पक्ष रखा और मंदिर समिति पक्ष से गणेश अग्रवाल और राजेंद्र वर्मा ने यात्रा आयोजन में आ रही बाधाओं के विषय में बताया। पुजारी पक्ष से संजीव ठाकुर ने कहा कि विजय गोयल को इस बार यात्रा की अनुमति दी गई है। पूर्व में सदा से एसीएम अनुमति देते आ रहे हैं। इस बार एडीएम ने अनुमति दी। पिछली बार विजय पक्ष की अनुमति जिला प्रशासन ने केंसिल की थी।
मंदिर में ताले लगाना अनुचित कृत्य
भगवान जगन्नाथ यात्रा सेवा ट्रस्ट से विजय गोयल ने कहा कि मंदिर में ताले लगाने का अनुचित कृत्य किया गया है। हिंदू समाज ने इसका विरोध किया है। यात्रा से एक दिन पूर्व ऐसे कार्य पूरी तरह अनुचित है। शुक्रवार को होने वाली यात्रा की तैयारी करनी है। इसमें पुजारी पक्ष बाधा उत्पन्न कर रहा है। पिछले साल की तरह इस साल भी पुजारी पक्ष ने बाउंसर बुलाए हैं। यात्रा संयोजक गणेश अग्रवाल ने कहा कि अनुचित शर्तें रखी जा रही हैं। समिति को मंदिर में पूजन और शोभायात्रा निकालने से रोका जा रहा है। इस बार तो मंदिर समिति ने भगवान को मंदिर के अंदर बंद कर ताले लगा दिए हैं। कोषाध्यक्ष पवन गोयल ने कहा कि 120 साल से मंदिर से यह पावन यात्रा निकाली जा रही है। दो साल से पुजारी पक्ष व्यवस्थाओं में व्यवधान डाल रहा है। दर्शन और तैयारियों को प्रभावित किया। समिति, प्रशासन और पुलिस की बात पुजारी पक्ष सुनने के लिए तैयार नहीं था। जिला प्रशासन ने भगवान जगन्नाथ यात्रा सेवा ट्रस्ट को यात्रा निकालने की अनुमति दी है। अब भगवान के नाम पर सहमति बन गई है। यात्रा में बाउंसरों को नहीं आने दिया जाएगा।
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भगवान के शृंगार के दौरान किया मंदिर बंद
- मंदिर समिति से जुड़े शिवेंद्र शर्मा ने बताया कि हमारी पांचवीं पीढ़ी भगवान जगन्नाथ जी की सेवा करती आ रही है। शोभायात्रा से पूर्व भगवान का शृंगार किया जाना है। सुबह से दोपहर तक मंदिर खुला रहा और भक्तों ने दर्शन भी किए। पिछले साल मंदिर के अंदर हुई गड़बड़ी को देखते हुए मंदिर में शांतिपूर्ण तरीके से शृंगार किया गया। पिछले साल जिनकी अनुमति रद् कर दी गई थी, उन्हें ही इस साल अनुमति दी गई है।
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